राज्य

इन कारणों से योगी ने अखिलेश की योजना को मोदी के योजना में मिला दिया

योगी आदित्यनाथ

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा):- अखिलेश यादव के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक गोमती रिवर फ्रंट के निरीक्षण में गए यूपी के नए मुख्यमंत्री ने वहाँ की कुव्यवस्था के मद्देनजर अखिलेश की इस महत्वपूर्ण परियोजना को मोदी जी की नाममि गंगे परियोजना से जोड़ने पर विचार करने का आदेश दिया है। जब योगी इस परियोजना का मुआयना करने गए तो उस समय नदी का पानी बहुत गन्दा था, लेकिन उस समय वहां उपस्थित अफसरों ने नदी में लगाए गए फव्वारों को चलवा दिया। वहां की इस अव्यवस्था से नाराज योगी ने गोमती रिवर फ्रंट को नाममि गंगे से जोड़ने की आज्ञा दी।

गोमती रिवर फ्रंट परियोजना पर हुए कुल खर्च के अनुपात में कामों की गुणवत्ता में कमी से नाराज सीएम योगी ने जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसमें हुई फिजूलखर्ची की जाँच की भी बात कही।योगी ने कहा कि स्वच्छ नदियां हमारी प्राथमिकता है, इस ओर पूरी ईमानदारी से काम करने की जरूरत है।

2 साल पहले शुरू हुई इस परियोजना को मई2017 में पूरा करने का लक्ष्य रखा था। 90 फीसदी बजट के बावजूद सोर्फ 60 फीसदी से भी काम काम हुआ है।गंगा नदी का न सिर्फ सांस्कृतिक और आध्यत्मिक महत्व है बल्कि देश की 40% आबादी गंगा नदी पर निर्भर है। स्वयं पीएम मोदी ने गंगा की सफाई को एक आर्थिक एजेंडा बताया है।

गंगा की सफाई करने, प्रदूषण को रोकने तथा पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार ने “नाममि गंगे” नामक एक एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन का शुभारम्भ किया। न्यूयॉर्क में मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा_”अगर हम इसे साफ करने में सक्षम हो गए तो यह देश की 40 फीसदी आबादी के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी।”

मुख्यमंत्री योगी ने गोमती के कायाकल्प के लिए गोमती रिवर फ्रंट को नाममि गंगे परियोजना के साथ जोड़ने की बात कही। उन्होंने इस दिशा में तत्काल कदम उठाने पर जोड़ दिया।उन्होंने कहा कि इससे इस परियोजना से जुड़ी गैरजरूरी खर्च कम होंगे और निर्धारित समय पर इसे गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सकेगा।

Read Also : सीएम योगी के खौफ से केजरीवाल कांपे…राजनीति से सन्यास का दिया संकेत !

Leave a Comment