चर्चित राज्य

यूपी में रहना है तो योगी-योगी कहना है, जानिए योगी आदित्यनाथ के जीवन का पूरा सफर

yogi adityanath full Life journey

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा):- विशाल जनमत के साथ सत्ता में आई BJP ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री चुना है। इसके साथ ही यूपी सीएम के नाम को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया। पार्टी आलाकमान ने शनिवार सुबह अचानक योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुला लिया। दोपहर को आदित्यनाथ और मौर्य जब स्पेशल विमान से लखनऊ पहुंचे तो आलाकमान का संदेश भी सूबे में पंहुच चुका था कि योगी ही प्रदेश के मुखिया होने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा रैलियां करने वाले आदित्यनाथ पूर्वांचल के सबसे बड़े नेता माने जाते है। उन्होंने लव जेहाद और धर्मान्तरण जैसे मुद्दों को उन्होंने जोर शोर से उठाया था।

आज BJP विधायकों की बैठक में योगी के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई। वैसे इस रेस में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यूपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, मनोज सिन्हा, सतीश महाना, दिनेश शर्मा आदि के नाम भी शामिल थे।

इन नामों में केवल राजनाथ सिंह का ही कद आदित्यनाथ से बड़ा था। राजनाथ सिंह का मुख्यमंत्री पद के लिए नाम वापस लेने के बाद आदित्यनाथ सबसे मजबूत दावेदार बन गए। राजनाथ सिंह का नाम मीडिया में खूब चला। BJP के सूत्रों के मुताबिक श्री सिंह को सीएम पद के लिए मनाने की कोशिश हुई। लेकिन, उनके इनकार के बाद योगी की दावेदारी को बल मिला। रेल और दूरसंचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के यूपी सीएम के रेस में टॉप पर बने रहने की खबरें अचानक बदल गई। माना जा रहा RSS ने मनोज सिन्हा के नाम पर सहमति नहीं जताई और सारे समीकरण BJP के फायरब्रांड योगी के पक्ष में हो गए।

प्रदेश में हिंदुत्व के सबसे बड़े चेहरे आदित्यनाथ है। ऐसे में पीएम मोदी और अमित शाह ने एक बार फिर से कट्टर हिंदुत्ववादी नेता को मुख्यमंत्री बनाया है। इतने दावेदारों को पीछे छोड़ अचानक से योगी के नाम की घोषणा से सियासी हलचल तेज हो गई है। आइये डाले उन मुख्य बातों पर नजर जिसके कारण मोदी और शाह ने सबसे प्रदेश के सिंहासन संभालने का मौका दिया:-

1) राम लहर में BJP को जब बहुमत मिला था तो BJP ने हिंदुत्ववादी नेता कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाया था। फिर से 2017 में बहुमत मिलने के बाद BJP ने फिर से एक हिंदूवादी नेता को सीएम चुना है।

2) इस बार के विधानसभा चुनाव प्रचार पर नजर डाले तो BJP ने ओउरी तरह से हिंदुत्व लाइन को फॉलो किया था। स्वयं पीएम मोदी ने श्मशान, कब्रिस्तान जैसे मुद्दे को उठाया था।

3) योगी पूर्वांचल के सबसे बड़े नेता है। खुद मोदी इस क्षेत्र से सांसद है। इस क्षेत्र की ओर BJP का ध्यान है।

4) लगातार 5 बार से योगी लोकसभा चुनाव जीतते आ रहे है। पूर्वांचल की 60 से अधिक सीटों पर योगी का दबदबा है।

5) राजनाथ सिंह का नाम वापस लेना और मनोज सिन्हा के नाम पर RSS का सहमत ना होना।

यूपी में सीएम के साथ दो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा के नाम की घोषणा हुई है। मौर्य के नेतृत्व में पार्टी की जीत और शाह के करीबी होने का फायदा मौर्य को मिला। 2008 और 2013 में लखनऊ के मेयर रहे दिनेश शर्मा को भी डिप्टी का पद मिला।
‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक हिंदूवादी नेता को सबसे बड़े प्रदेश के मुखिया के तौर पर चुना जाना। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यूपी की राजनीति में और क्या क्या तब्दीली आती है।

Leave a Comment