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वर्ल्ड बैंक ने किया मोदी को सलाम…नोटबंदी से इतने फायदे…मनमोहन सिंह सन्न !

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नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): आखिरकार नोटबंधी को लेकर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने सभी को खामोश कर दिया है। मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को लेकर भारत में जोरदार विरोध किया गया। खास तौर पर सियासी दलों ने इस फैसले को तानाशाही फैसला बताया। हालांकि देश की जनता ने इस फैसले को स्वीकार किया और सरकार पर भरोसा बनाए रखा। आज भी इस फैसले को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया जाता है। लेकिन अब वर्ल्ड बैंक ने नोटबंदी को लेकर एक आंकलन पेश किया है। जिसे देख कर कहा जा रहा है कि नोटबंदी का फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित होता दिखाई दे रहा है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में नोटबंदी को लेकर जानकारी दी गई है। इसकी सफलता से ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स के दायरे में आ जाएंगे।

इसके अलावा 2016-17 में भारत ने नोटबंदी और एमनेस्टी स्कीम के जरिए अघोषित आय को टैक्स के दायरे में लाने में सफलता हासिल की। टोटल टैक्स रेवेन्यू, राज्यों के शेयर समेत, बजट में तय किया गया लक्ष्य 10.8 फीसदी को पार कर 11.3 फीसदी तक पहुंच गया। इसका एक कारण ये भी है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर उम्मीद से ज्यादा एक्साइज ड्यूटी का कलेक्शन हुआ है। अपने चैप्टर इंडियाज ग्रेट करंसी एक्सचेंज में वर्ल्ड बैंक ने ये टिप्पणी की है। इसमें लिखा है कि नोटबंदी लक्ष्य हासिल करने में सफल रहती है तो ये स्थिति हमेशा के लिए हो सकती है।

इस से अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कामयाबी मिल सकती है। पिछले साल नवंबर के महीने में पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान किया था। 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद कर दिया गया था। इस फैसले के बाद बाजार में प्रचलित 86 फीसदी करेंसी का चलन बंद हो गया था। अब वर्ल्ड बैंक की तरफ से कहा जा रहा है कि नोटबंदी के बाद अनियमित अर्थव्यवस्था में शामिल संसाधनों को नियमित अर्थ व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा। विश्व बैंक की ये रिपोर्ट मोदी विरोधियों के लिए झटके से कम नहीं है।

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