पीरियड्स के दौरान छुट्टी

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): ये किसी से छिपा नहीं है कि महिलाओं की जिंदगी मर्दों से काफी कठिन होती है। सामाजिक तौर पर तो उनको कमजोर समझा ही जाता है, उनकी शारीरिक संरचना भी मर्दों से अलग होती है। जितना दर्द और तकलीफ एक महिला सहती है वो पुरुष कभी समझ नहीं सकते हैं। आप पीरियड्स को ले लीजिए। अगर ये मर्दों को होता तो दुनिया में हल्ला मच गया होता, लेकिन चूंकि मर्दों के ये नहीं होता है इसलिए वो महिलाओं के इस दर्द को समझ नहीं सकते हैं. बहरहाल काफी दिनों से ये मांग उठ रही है कि पीरियड्स के दिनों में कामकाजी महिलाओं को छुट्टी दी जाए। इस दौरान महिलाओं को होने वाली तकलीफ में थोड़ी मदद मिल जाएगी।

पीरियड्स के दौरान होने वाली तकलीफ से सैैनेटरी नैपकीन के जरिए महिलाएं खुद को बचा तो लेती हैं, लेकिन दर्द से निजात नहीं मिलती है। पीरियड्स के पहले दिन महिलाओं को काफी दर्द होता है। उस दौरान महिलाएं चाहती है कि वो दिन भर बेड पर पड़ी रहें। इस दौरान उनका मूड भी स्विंग करता रहता है। हर समय मन में अलग अलग विचार आते रहते हैं। ऐसे मूड में अगर दफ्तर जाना पड़े तो उस से बुरा कुछ भी नहीं है. इसलिए कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स के पहले दिन छुट्टी देने पर विचार किया जा रहा है। अब मुंबई को दो कंपनियों ने इस दिशा में एक सार्थक पहल की है।

दुनिया की कई कंपनियों में पीरियडस् के दिनों में महिलाओं को छुट्टी देने का नियम है। लेकिन भारत में अभी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई थी. लेकिन अब मुंबई की दो कंपनियां एक नई राह दिखा रहा हैं। मुंबई की कल्चर मशीन और गोजुप कंपनी ने अपनी महिला फ्रेंडली पॉलिसी के तहत महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड्स के पहले दिन छुट्टी का ऐलान किया है। इस एलान के बाद कंपनी में काम करने वाली महिलाओं के रिएक्शन का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि कल्चर मशीन के फैसले से महिलाएं काफी खुश दिखाई दे रही हैं।

दरअसल जब कंपनी ने पीरियड्स के पहले दिन छुट्टी का एलान किया तो इसे कैमरे में कैद कर लिया गया। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इस दौरान महिला कर्मचारी कंपनी के फैसले से काफी खुश नजर आ रही हैं। आपको कल्चरल मशीन कंपनी के बारे में जानकारी दे दें। इस कंपनी में लगभग 75 महिलाएं काम करती हैं। इस फैसले के बाद कंपनी की एचआर देवलीना ने बतया कि उन्होंने पीरियड्स से जुड़ी महिलाओं की परेशानी को ध्यान में रखते ये फैसला लिया है। इसी के साथ कंपनी ने केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय से अपील की है कि वो इस नियम को पूरे देश में लागू करने की कोशिश करें। इस से महिलाओं को उन दिनों में काफी राहत मिलेगी।

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