lady bindi

घर में पूजा पाठ के दौरान उस में घर की औरते भी शामिल होती हैं। कोई भी पूजा अगर शादीशुदा शख्स करवा रहा है तो पत्नी का होना जरूरी माना जाता है। वैसे आम तौर पर घर में महिलाएं ही पूजा करती हैं, पूजा के दौरान वो पूरी तरह से तैयार हो कर बैठती हैं, अगर महिला शादीशुदा है तो वो सिंदूर और माथे पर बिंदी लगा कर पूजा करती है। मगर क्या आप जानते हैं कि पूजा करते समय महिलाओं को माथे पर बिंदी नहीं लगानी चाहिए। ऐसा क्यों कहा जाता है और इसका कारण क्या है, ये हम आपको बताते हैं।

सबसे पहले तो ये कहा जाता है कि बिंदी लगाकर पूजा करने से पूजा का फल नहीं मिलता है। महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। इसके पीछए क्या कारण है वो भी हम आपको बताते हैं। आप ये तो जानते ही होंगे कि आध्यात्मिक ध्यान में माथे का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। जब आप पूजा करती हैं या फिर ध्यान लगाती हैं तो किसी भी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए, उस से आप ध्यान नहीं लगा पाती हैं। आपका ध्यान स्थिर नहीं रह पाता है।

माथे पर बिंदी के कारण ध्यान पूर्ण नहीं हो पाता है, जिस से पूजा का फल नहीं मिलता है। इसके अलावा जानकार मानते हैं कि पूजा के बाद आपको शांति का जो एहसास होना चाहिए वो भी नहीं मिल पाता है। इसलिए पूजा के दौरान महिलाओं को बिंदी नहीं लगानी चाहिए। किसी त्यौहार या फिर जश्न के दौरान बिंदी लगाने से कोई दिक्कत नहीं है. बस पूजा के समय इस बात का खास ख्याल रखें। अगर पूजा का वांछित फल चाहिए तो इस का पालन करें।

वैसे कुछ और बातें हैं जो पूजा करते समय ध्यान रखनी चाहिए। पहली बात तो ये है कि पूजा घर में सूखे हुए फूल या फिर हार नहीं होने चाहिए. आप सुबह फूल भगवान को अर्पित करते हैं तो शाम को उसे वहां से हटा दें। इसके अलावा खंडित दीपक से आरती नहीं करनी चाहिए। तुलसी के सूखी हुई पत्तियां भगवान को नहीं अर्पित करनी चाहिए। तो इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको पूजा करने का फल मिलेगा। इन गलतियों से हमेशा बचना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *