Woman spreading

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सोशल मीडिया पर इन दिनों कई तरह के कैंपेन चल रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं के लिए तो अनोखे कैंपेन चलाए जा रहे हैं। #METOO कैंपेन तो आपको याद ही होगा, इसके तहत महिलाओं ने हैशटैग मी टू के जरिए अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में बताया था। वो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। कई बड़ी हस्तियों ने भी अपने अनुभव साझा किए थे। इस तरह के कैंपेन से महिलाओं को आजाद करने की कोशिश की जाती है। वो उन रूढ़िवादी परंपराओं से आजाद हो सकें जिन्होंने उनको जकड़ रखा है।

इसी तरह का एक और कैंपेन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बार बात जरा अलग है। अभी तक महिलाओं को, लड़कियों को बचपन से ही सिखाया जाता रहा है कि तमीज से बात करो, पैर समेट कर बैठो, टांग फैलाकर बैठना असभ्यता की निशानी माना जाता है। इसी तरह के तमाम प्रतिबंध महिलाओं पर लगा दिए जाते हैं। ये केवल भारत की बात नहीं है. पूरी दुनिया में महिलाओं के साथ इसी तरह से होता आया है। अब इसी को लेकर ये कैंपेन शुरू किया गया है।

#Womanspreading नाम के इस कैंपेन के जरिए दुनिया भर में लड़कियां और महिलाएं टांग फैलाकर फोटो खींच रही हैं और उनको सोशल मीडिया पर अपलोड कर रही हैं। इस के जरिए वो ये दिखाना चाह रही हैं कि जसे उनका मन होगा वे वैसा ही करेंगी, जब मर्दों पर कोई प्रतिबंध नहीं है तो महिलाओं को अलग क्यों समझा जाता है। पुरुष पैर फैलाकर बैठ सकते हैं लेकिन महिलाएं नहीं क्यों, क्या पुरुषों का ये करना असभ्यता की निशानी नहीं है। ये कैंपेन तेजी से वायरल हो रहा है।

 

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बचपन से सिखाए गए इन प्रतिबंधों के खिलाफ अब महिलाएं सोशल मीडिया पर जंग छेड़ रही हैं। #Womanspreading के सहारे दुनिया भर की महिलाएं पैर फैलाकर फोटो खींच रही हैं। उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर अपलोड कर रही हैं। भारत में भी ये तेजी से वायरल हो रहा है। कई भारतीय लड़कियों ने भी इस कैंपेंन नं हिस्सा लिया है। आप तस्वीरें देख सकते हैं। कुल मिलाकर मी टू के बाद ये कैंपेंन महिलाओं के लिए अपनी आजादी को दिखाने का जरिया बन रहा है।

#womanspreading

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