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इन चार कारणों से राहुल बने हार के King, बनाया रिकॉर्ड

राहुल गांधी

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा) : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चुनाव में मिली लगातार हार के चलते राहुल गांधी मीडिया में चर्चा का विषय तो रहते ही है। लेकिन, इस बार चर्चा उनकी हार या बयान को लेकर नहीं हो रही। जब भी कांग्रेस की चर्चा होती है, राहुल गांधी का नाम प्रमुखता से आता है। यूपी में कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे है। उनका नेतृत्व पार्टी को रास नहीं आ रहा। सौ साल पुरानी कांग्रेस अपनी चमक खोते ज रही है। इस बार उनकी चर्चा बहुत ही रोचक वजह से हो रही। इस बार चर्चा है कि उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रहा है।

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के एक युवा इंजीनियर विशाल दीवान ने यूपी चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद  इसके लिए गिनीज बुक प्रबंधन को एक पत्र भेजा है। नामांकन शुल्क भी चुकाया है। उनका आवेदन रजिस्टर भी हो चुका है। विशाल का कहना है कि पिछले 5 सालों में कांग्रेस को जीत दिलवाने में राहुल गाँधी पूरी तरह से विफल रहे। 27चुनावों में मिली हार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने लायक हैं।

विशाल के आवेदन को स्वीकार कर रिसीविंग भेजी जा चुकी है। इसके अप्रूवल की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। देखना है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस् विशाल के इस आवेदन को मानती है या नहीं। राहुल की स्पीच में गलतियों को लेकर उनका सोशल मीडिया में उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। लगातार विफलता के बाद राहुल को नई जिम्मेदारियाँ दी जा रही हैं। हर बड़ी हार उनके लिए बड़ा प्रमोशन लेकर आता हैं। कभी भी हार की जिम्मेदारी नहीं दी जाती बल्कि हार के दूसरे कारण खोजे जाते हैं। पंजाब में जीत का ताज उनके सर लेकिन यूपी की हार के कारण खोजे जा रहे।  इस बार यूपी की जबरदस्त हार राहुल के लिए गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने का मौका ले कर आया है।

बहुत सी बातें हैं जो विशाल दीवान के द्वारा राहुल के नाम का गिनीज बुक में दर्ज करवाने की मुहिम को पुख्ता करती है:-

* राहुल के पास गलत भाषण देंने का रिकॉर्ड है। कभी गलत कह जाना,  कभी मुद्दे से भटक जाना, किसी बेतुकी बात को जनमंच से कह जाना, तो कभी तथ्यहीन बात को जनता के सामने रखना।

* जरूरी वक्त पर लीव लेने की उनकी आदत उन्हें गैरजिम्मेदार साबित करता है। 60 दिन की उनकी बहुचर्चित लीव हो या इस साल यूपी चुनाव से पहले  नए साल के अवसर पर 11 दिन की उनकी छुट्टी इस बात की गवाह है।

* उनका एक्सप्रेशन माहौल के उलट होता है। एक तरफ सोनिया गाँधी पार्टी की हार को लेकर भाषण दे रही थी वही बैठे राहुल मुस्कुरा रहे थे।

* भारतीय नेताओं में सोशल मीडिया पर सर्वाधिक ट्रोल होने का रिकॉर्ड भी राहुल के पास ही है।

* किसी के शोकसभा में शोकसंदेश जैसे संवेदनशील बात को भी कॉपी करने का रिकॉर्ड भी उन्हीं का हैं।

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