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सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में किया सुधार, दिव्यांगों को दी छूट

supreem kort ne divyaangon ko dee chhoot

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा):- सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सिनेमा हॉल में मूवी शुरू होने से पहले राष्ट्र गान बजाना जरुरी है। इस दौरान स्क्रीन पर तिरंगा नजर आना चाहिए। साथ ही राष्ट्रगान के समय सभी मौजूद दर्शको को खड़ा होना होगा। राष्ट्र गान के मामले में दिए गए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने थोड़ा बदलाव करते हुए फैसला दिया हैं कि सिनेमा हॉल में मूवी शुरू होने से पहले राष्ट्रगान के समय दिव्यांगों का खड़ा होना जरुरी नहीं हैं। जस्टिस दीपक मिश्रा ने फैसला पास करते हुए कहा कि दिव्यांगों को इस बाध्यता से मुक्त रखा जाय।

इस साल अक्टूबर में गोवा में एक सिनेमा हॉल में दिव्यांग लेखक सलिल चौधरी के साथ मारपीट की गई थी। वहां मौजूद बाकि दर्शको का कहना था कि वे राष्ट्र गान के समय खड़े नहीं हुए थे।

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जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने आने आर्डर में कहा-

– राष्ट्र गान के समय सिनेमा हॉल का गेट बंद कर दिया जाय। और राष्ट्र गान पूरा होने पर गेट खोला जाय।
– राष्ट्र गान से कमर्शियल बेनिफिट ना लिया जाय।
– ऐसी जगह राष्ट्र गान ना छापा या लगाया जाय की राष्ट्र गान का अपमान हो।
– राष्ट्र गान पूरा बजाया जाय आधा अधूरा नहीं।
– यह आर्डर 10 दिन में लागू किया जाय। सभी स्टेट और यूनियन टेरिटरी से इस बात के बारे में जानकारी देने को कहा गया हैं।

लोगो में सैनिकों के प्रति सम्मान और देश प्रेम को जगाने के लिये 1960 के दशक में सिनेमा हॉल में राष्ट्र गान बजाने की शुरुआत की गई थी। लेकिन, 40 साल पहले अपमान की शिकायत पर इसे बंद कर दिया गया था। 2003 में पुनः महाराष्ट्र सरकार ने सिनेमा हॉल में मूवी से पहले राष्ट्र गान बजाना और दर्शको का खड़ा होना जरुरी किया गया।

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