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दिल्‍ली सरकार ने दिखाए सख्‍त तेवर, जंग के खिलाफ दो प्रस्ताव पास

Delhi government strict

नई दिल्ली । दिल्ली की आप सरकार उपराज्यपाल के साथ सीधे टकराव पर उतर गई है। दिल्ली की आप सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई कैबिनेट ने उपराज्यपाल नजीब जंग के खिलाफ दो प्रस्ताव पास कर दिए। कैबिनेट से पहले प्रस्ताव में वैट कमिश्नर के पद से विजय कुमार को एकाएक हटाने जाने और दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित नए वैट कमिश्नर को नहीं लगाने पर चार सवाल एलजी से पूछे हैं।

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कैबिनेट ने उपराज्यपाल के आदेश पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए सशर्त वैट विभाग एलजी को सौंपने की बात भी कही है, वहीं दूसरे प्रस्ताव में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में एक जीओएम (मंत्री समूह) गठित कर दिया है। जीओएम उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा अधिकारियों को बुलाकर उन्हें धमकाने से संबंधित मामले देखेगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। बैठक के संबंध में सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को बिना बताए वैट आयुक्त विजय कुमार को एकाएक रिलीव कर दिया।

पिछले 23 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 200 से अधिक कर चोरों को पकड़ा जिसमें नामीगिरामी लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने एजली से प्रश्न पूछे हैं जिसमें, किस के दबाव में विजय कुमार का तबादला किया।

क्या कर चोरों के यहां छापेमारी व उनके तबादले में कोई संबंध है। क्या यह सच है कि विजय कुमार के तबादले के बाद उन्हें धमकाया गया और क्या पीएमओ या एमचए के तरफ से उन्हें कोई लिखित या मौखित आदेश आया था। क्या विजय कुमार को दिल्ली से बाहर भेजने से पहले किसी अन्य अधिकारी को वैट आयुक्त बनाने का प्रस्ताव रखा था।

कैबिनेट ने अपने फैसले में कहा जब राष्ट्रपति शासन के दौरान एलजी ने कई जूनियर अधिकारियों को वैट विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रमुख नियुक्ति किया। कैबिनेट ने कहा कि वर्तमान में एलजी के सचिव भी जूनियर अधिकारी हैं। ऐसे में अंकुर गर्ग को लेकर क्या समस्या है।

कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यदि उपराज्यपाल दिल्ली के लिए वैट के माध्यम से 24 हजार करोड़ रुपये एकत्रित करते हैं तो उन्हें सशर्त वैट विभाग सौंप दिया जाएगा। इसी प्रकार दिल्ली सरकार को कुछ अधिकारियों ने पता चला है कि उन्हें बेवजह सम्मन जारी कर एलजी हाउस में बुलाया जाता है तथा उनके खिलाफ बोगस जांच कराने की बात कही जाती है और पुलिस कार्रवाई व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कह कर उन्हें एलजी हाउस द्वारा धमकाया जाता है।

ऐसे में अधिकारी एलजी हाउस के दबाव में काम कर रहे हैं। ऐसी समस्या से निपटने व अधिकारियों को स्वतंत्र माहौल देने के लिए केबिनेट से जीओएम का गठन किया गया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में गृहमंत्री सत्येंद्र जैन व श्रम मंत्री गोपाल राय की सदस्य वाला जीओएम अधिकारियों को बेहतर माहौल दिलाने के लिए काम करेगा। यहां तक कि जरूरत हुई तो अधिकारियों को मुफ्त में लीगल सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

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