अजब गजब

जानिए, ताजमहल से जुड़े कुछ मिथक और उनकी सच्चाईंयों के बारे में

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नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा): इश्क़ एक इबादत है तो उस इबादत की जानदार तस्वीर है ताज महल। मोहब्बत की इस अज़िमोशान इमारत को देखकर लोग आज भी प्यार पर भरोसा करते हैं, क्योंकि इस प्यार में त्याग, समर्पण,खुशी और वो सब कुछ है जो प्यार को एक मुकम्मल जहां देता है।

ताजमहल भारत के प्रेम और शान का प्रतीक है। प्यार की मिसाल माना जाने वाला ताजमहल दुनिया के 7 अजूबों में शामिल है। शाहजहाँ की ख्वाहिश थी की मुमताज के प्रति उसके प्यार को दुनिया हमेशा याद रखें इसके लिए अपनी बेगम की याद में शाहजहाँ ने ऐतिहासिक धरोहर के रूप में ताजमहल का निर्माण करवाया। इसे मोहब्बत का मंदिर भी कहा जाता है। यह यमुना नदी के किनारे अवस्थित है। यह विश्व प्रसिद्ध मकबरा है ।
इसने धर्म, संस्कृति और भूगोल सीमाओं को पार कर लोगों के साथ भावनात्मक एवं व्यक्तिगत रिश्ता जोड़ा है। इसे आज भी शाहजहाँ और मुमताज के प्यार की निशानी के तौर पर देखा जाता है। यह विश्व के प्रसिद्ध इमारतों में एक है।

जितना खूबसूरत ये इमारत ताज़महल है उतना ही दिलचस्प इससे जुड़े तथ्य भी हैं।इस खूबसूरत और प्यार को ज़बान देने वाले इस इमारत को किसने और किसके लिए बनवाया हम सब जानते है।लेकिन, हम आपको वो बातें बतायेगे जो इस ताजमहल की चकाचौंध में दिखाई नहीं पड़ती।

आइये देखते है ताजमहल से जुड़ी दिलचस्प और अनोखी बातें-

*ताजमहल के चारो ओर मीनारों की छाया आइनें जैसा प्रतिबिम्ब निर्मित करती है। जो लोगो को आश्चर्य में डालता है। आज तक artitecture भी इस रहस्य को समझ नहीं पाये है।

*ताजमहल दिन में अलग-अलग समय में रंग बदलता है। सुबह में हल्का गुलाबी, दिन में दूध जैसा सफेद और शाम में सुनहरा रंग।

*ताजमहल में लगे बेशकीमती रत्नों को 1857 के revolution के बाद अँग्रेजो ने काफी नुकसान पहुँचाया।

*शाहजहाँ इस सफेद संगमरमर से बने ताजमहल के समान ही काला ताजमहल बनवाना चाहता था। लेंकिन, औरंगजेब द्वारा कैद कर लिए जाने के कारण वह अपना ये सपना पूरा नहीं कर पाया।

*इस मनमोहक इमारत को क़रीब 25,000 लोगो ने मिलकर बनाया। इसमें artist, मजदूर, पेंटर और भी कलाकार शामिल थे।

*इसके पीछे एक बहुचर्चित कथा भी प्रचलित है की मानसून की पहली बूंद के साथ पानी की बूंदें इनके कब्र पे गिरती है। इसके बारे में कविवर रविन्द्र नाथ टैगोर ने लिखा है- ” इक अश्रु मोती………………..समय के गाल पर”। ऐसी बहुत सी कथाएँ ताजमहल के इतिहास में प्रचलित है।

*इसे देखने के लिए हर साल 9 से 10 मिलियन लोग आते है।

*ताजमहल के साथ पहली सेल्फ़ी George Herrison ने fish eye lense की मदद से ली थी वो भी तब जब selfie का प्रचलन नहीं था।

*ताज के दीवानें भी ताज से कम अनोखे नहीं। ग्रैमी अवार्ड विनर Henry Saint Clair Fredrickes ने ताज के प्रति अपने प्यार में अपना स्टेज नाम ही Tajmahal रख लिया।

*एक सीमा तक जैसे जैसे आप ताजमहल से दूर होते है ताज और भव्य प्रतीत होता है।

*इसके निर्माण के बाद शाहजहाँ ने कारीगरों के हाथ कटवा दिए ताकि वो इसके समान कोई दूसरी कलाकृति ना बना सके।

*इसके निर्माण के दौरान सामान को स्थान्तरित करने के लिए 1500 हाथियों का उपयोग किया गया।

*मुमताज के मकबरे में एक छेद है। ऐसा माना जाता है की कारीगरों के हाथ काटे जाने की घोषणा होंने पर कारीगरों ने इसमें एक कमी छोड़ दी।

*8 nov 2000 को जादूगर P.C.Sarkar Jr. ने Optical Science की सहायता से Tajmahal के गायब होने का भ्रम पैदा किया था।

*25000+ कारीगरों ने इसे मिल कर बनाया।

*1983 में इसे यूनेस्को के द्वारा विश्व धरोहर के रूप में शामिल कर लिया गया।

*उस समय इसके निर्माण में लगभग 32 मिलियन खर्च हुए थे।

*जिस समय ताज का निर्माण हुआ था उस समय भवन निर्माण में लाल पत्थरों का प्रयोग प्रचलित था।

ताजमहल अपनी शानो-शौकत, सुंदरता और भव्यता के साथ अपने दिलचस्प तथ्यों को अपने वजूद में समेटे भारत की आन बान और शान का प्रतीक है।

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