smriti irani

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राम मंदिर के मुद्दे पर सियासत हो रही है, ऐसे में अब राम सेतु का मुद्दा भी गर्मा गया है, दरअसल अब एक साइंस चैनल ने दावा किया है कि रामसेतु पूरी तरह कल्पना नहीं हो सकता है, इस बात के सबूत हैं कि भारत और श्री लंका के बीच इस बलुई रेखा पर मौजूद पत्थर करीब 7000 साल पुराने हैं। साइंस चैनल ने बाकायदा एक वीडियो पोस्ट करके ये सबूत पेश किए हैं। इसी के साथ राजनीति भी शुरू हो गई है। रामसेतु पर कांग्रेस का रुख कैसा है ये बताने की जरूरत नहीं है। यूपीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि रामसेतु का कोई अस्तित्व नहीं है।

साइंस चैनल के दावों से साफ है कि रामसेतु था, इसी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक वीडियो पोस्ट किया है। अपने ट्वीटर अकाउंट से ईरानी ने ये वीडियो पोस्ट किया है, ये साइंस चैनल वाला ही वीडियो है, साथ में ईरानी ने लिखा है जय श्री राम। बता दें कि इस वीडियो में वैज्ञानिकों ने नासा के सैटेलाइट के जरिए कुछ तस्वीरों को दिखाया है l तस्वीरों के आधार पर बताया कि रेत का पुल दो श्रीलंका और भारत के बीच बना है l जब इन तस्वीरों के और नजदीक से देखा गया तो पता चला कि यह पुल लगभग 30 मील लंबा है l

वीडियो में बाकायदा वैज्ञानिक कह रहे हैं कि 5000 साल पहले इस तरह का पुल बनाना चमत्कार से कम नहीं है। साथ ही इस धारणा को भी बल मिल रहा है कि भगवान राम ने श्री लंका जाने के लिए इस पुल का निर्माण करवाया था। इसी वीडियो को स्मृति ईरानी ने पोस्ट किया है। उनका निशाना साफ तौर पर कांग्रेस है, जो रामसेतु के अस्तित्व को मानने से इंकार कर रही थी। अब जबकि कांग्रेस हिंदुत्व की राह पर लौट रही है तो इस तरह से ईरानी हमला कर रही हैं।

स्मृति ईरानी के अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल गांधी को घेरा है। उन्होंने कहा कि अब राहुल अध्यक्ष बन गए हैं, तो उनको राम मंदिर के मुद्दे पर अपनी राय साफ करनी चाहिए। राहुल को बताना चाहिए कि वो अयोध्या में राम मंदिर चाहते हैं या फिर नहीं है। केवल गुजरात के मंदिरों के दर्शन करने से कुछ नहीं होगा. राम मंदिर पर अपनी राय बताएं, राम सेतु पर उनकी क्या सोच हं वो ये बताएं। क्या वो भगवान राम को मानते हैं। अगर मानते हैं तो फिर यूपीए सरकार को क्यों नहीं मना किया था कि वो राम सेतु के अस्तित्व को नकारने का काम ना करे।

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