Hindi चर्चित राज्य

समाजवादी पार्टी में चल रहे सियासी ड्रामे के स्क्रिप्ट राइटर हैं अमर सिंह!

samajwadi party amar singh

नई दिल्ली (रिपोर्ट, ब्यूरो अड्डा): चाचा भतीजे के बीच के विवाद में समाजवादी पार्टी के बॉस मुलायम सिंह यादव उलझन में हैं। चिंता इस बात की है कि उनके इस अभेद कुनबे में आखिर सेंध किसने लगाई। परिवार में चल रहा विचारों का टकराव अब सियासत के चौराहे पर आ खड़ा हुआ है। शिवपाल आधी रात में इस्तीफे का एलान करते हैं तो अखिलेश और मुलायम के बीच संवाद नहीं हो पा रहा है। चुनाव की चौखट पर खड़ी इस तरह टूट जाएगी, मुलायम को विश्वास नहीं हो रहा है।

दरअसल इस पूरे ड्रामे की पटकथा अमर सिंह के हाथों लिखी गई है। शुरुआत उस दिन हुई थी जब अमर सिंह ने एक पांच सितारा होटल में आलीशान पार्टी दी थी.। इस पार्टी में मुलायम शरीक हुए थे लेकिनअखिलेश अनुपस्थित थे। इसी पार्टी में शिवपाल सिंह भी दीपक सिंघल के साथ पहुंचे थे। यहां अमर सिंह ने मुलायम से कहा कि उनकी पार्टी के गायत्री प्रजापति सीबीआई के रडार पर हैं। इसलिए उन्हे हटाया जाना उचित होगा। नहीं तो पार्टी की छवि पर गलत असर पड़ेगा।

अगले दिन मुलायम ने अपने सूत्रों को खंगाला फिर अखिलेश को निर्देश दे दिया कि गायत्री प्रजापति और राज किशोर से विभाग वापिस ले लिए जाए। इसी दौरान गायत्री प्रजापति मुलायम के पास पहुंचे और अपना पक्ष रखा, प्रजापति मुलायम के सामने अपना पक्ष रखने में कामयाब रहे और पद पर बने रहे। इसके बाद मुलायम ने दीपक सिंघल को हटाने के लिए कहा, अखिलेश ने बिना देर किए दीपक सिंघल को हटा दिया और उनकी जगह राहुल भटनागर को रख लिया।

सिंघल अमर सिंह के करीबी माने जाते हैं। सिंघल को बचाने के लिए अमर सिंह मुलायम के दरबार में पहुंचे और सिंघल का पक्ष रखा। मुलायम ने फिर एक बार निर्देश दिया कि सिंघल को दोबारा मुख्य सचिव बनाया जाए। लेकिन अखिलेश ने मुलायम की बात इस बार नहीं मानी। अमर सिंह की लगाई आग का असर ऐसा हुआ कि नाराज मुलायम ने अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष का पद लेकर शिवपाल को दे दिया। जवाब में अखिलेश ने शिवपाल से अहम मंत्रालय ले लिए।

शिवपाल जानते है कि अखिलेश भी अमर सिंह के आने से असहज महसूस कर रहे हैं। इसलिए एक दिन शांत रहे और मुलायम से बातचीत के बाद मान भी गए। लेकिन लखनऊ में अखिलेश से मुलाकात के बाद शिवपाल ने सभी पदों से इस्तीफा देने का मन बना लिया। अब मुलायम चुनावी रणनीति छोड़ अपने परिवार की दरारों को भरने में लगे हुए हैं। इस नुकसान के लिए अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, राम गोपाल यादव के साथ साथ आजम खान, अमर सिंह को जिम्मेदार मानते हैं।

Leave a Comment