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कलयुग में दरकते रिश्ते, बहन ने सगे भाई से बनाए संबंध, बच्चे को दिया जन्म

भाई बहन संबंध

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): समय किस तेजी से बदल रहा है, समाज में जितनी तेजी से बदलाव आ रहे हैं पुरानी मान्यताएं, परंपराएं और रिश्ते उतनी ही तेजी से टूट रहे हैं कमजोर हो रहे हैं। कलयुग के नाम पर आपने कितनी ही खबरें पढी होंगी। जिनमे रिश्तों के दागदार होने की बातें कही गई होंगी। दरअसल बदलाव की तेजी को हम समझ नहीं पाए। इंसानी दिमाग जो चीजें सोच नहीं सकता था वो अब हकीकत में हो रही हैं। इसका दोष बदलाव को दें, कुंठित मानसिकता को दें या फिर खुद को दें। बतौर समाज हम फेल हो रहे हैं। हम जो खबर आपको बताने वाले हैं वो हैरान करने के साथ साथ सोचने पर मजबूर करती है। आखिर किस दिशा में हम भाग रहे हैं, और क्या मिलेगा इस बदलाव से।  

भाई बहन का अवैध संबंध
ये घटना राजस्थान के सीकर की है। यहां पर एक बहन ने अपने पति को छोड़कर अपने सगे भाई को ही अपना पति मान लिया। भाई ने भी अपनी पत्नी को बहन के लिए छोड़ दिया। रिश्ते में भाई बहन अब पति पत्नी की तरह रह रहे हैं। ये घटना समाज में तेजी से कम होते रिश्तों की अहमियत की तरफ इशारा कर रही है। आखिर वो कैसी बहन होगी जिसने अपने भाई को ही पति बना लिया। जिस भाई की कलाई पर कभी राखी बांधी होगी उसी को पति बना लिया। ये दोनों नाम बदल कर सीकर में पिछले 5 साल से रह रहे थे। लेकिन कहते हैं न कि पाप कभी नहीं छुपता, उसी तरह से रिश्तों को कलंकित करने वाले इन दोनों के बारे में भी जल्द ही सभी को पता चल गया.

पति-पत्नी की तरह थे भाई बहन
5 साल तक भाई और बहन पति पत्नी की तरह रहे, इस अवैध रिश्ते से एक बेटा भी है, जिसकी उम्र 3 साल की है। भेद खुलने पर बदनामी के डर से पत्नी बनी बहन ने खुदकुशी कर ली। पुलिस की जांच में ये सारी बातें बाहर आई हैं। पुलिस ने मुताबिक जयपुर के धवली आमलोदा गांव निवासी सुनील और उसकी सगी बहन उषा किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। सुनील घर बेचकर यहां आया था और कारपेंटरी का काम कर रहा था। पुलिस ने गांव के सरपंच से बात कर के इनके परिवार की जानकारी निकाली। सुनील के नाम से किसी ने नहीं पहचानास लेकिन पप्पू का नाम सामने आने पर पुलिस को जयपुर में रहने वाले उसके बड़े भाई राजेश का नंबर मिल गया।

भाई के बच्चे की मां बनी बहन
सुनील के बड़े भाई को जब घटना के बारे में बताया गया और उस से कहा गया कि वो शव ले जाए तो उसने शव लेने से मना कर दिया। उस ने कहा कि हमारे लिए तो ये पहले ही मर गए थे। ये घटना सभी के लिए चर्चा का विषय है। लेकिन ये गंभीर मंथन की बात है। भाई और बहन ने आपस के पवित्र रिश्ते को भुलाकर पति और पत्नी जैसे संबंध बनाए। इस अवैध संबंध की निशानी 3 साल का बेटा भी है। अब उस बेटे का क्या होगा। समाज उसे अपनाएगा या नहीं। उसका क्या कसूर है, अपने मााता पिता के अनैतिक कर्मों की सजा उसे भुगतनी पड़ेगी। यही कारण है कि हमने शुरू में ही कह दिया था कि बदलाव तेजी से हो रहा है। हम किस संस्कृति का पीछा कर रहे हैं। हम क्या चाहते हैं, कुछ बंदिशें ऐसी हैं जिनको तोड़ा नहीं जा सकता है। तोड़ने का अंजाम यही होता है।

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