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आपका भी बैंक में सेविंग अकाउंट हैं, जान लीजिए नई नियम, फंसने से बच जाएंगे

सेविंग अकाउंट

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): आज के समय में कौन ऐसा कामकाजी शख्स होगा जिसका बैंक में खाता नहीं होगा। नौकरी करने वालों से लेकर बिजनेस करने वाले सभी का बैंकों में खाता होता है। मोदी सरकार तो पूरे देश को बैंक से जोड़ने की मुहिम शुरू कर चुके हैं। जनधन योजना के तहत करोड़ों ग्रामीण लोगों के भी बैंक में खाते खोले गए हैं। बैंक के खाते आम तौर पर दो तरह के होते हैं। एक सेविंग अकाउंट और दूसरा करंट अकाउंट यानि चालू खाता। देश के बैंकिंग सिस्टम में समय समय पर बदलाव किया जाता रहा है। आज हम आपको सेविंग अकाउंट के बारे में कुछ नई जानकारियां देने वाले हैं। ये जानकारियां आपके काफी काम आने वाली हैं। सबसे पहले बताते हैं कि बैंक के इन नियमों में क्या बदलाव किया गया है।

SBI ने किया ब्याज दरों में बदलाव
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 31 जुलाई से सेविंग अकाउंट पर ब्याज की प्रणाली को दो-स्तरीय बना दिया है। इस तरह से एक करोड़ कम की जमा पर मौजूदा ब्याज दर 4 फीसदी को घटाकर 3.5 सेविंग अकाउंट फीसदी कर दिया है। वहीं एक करोड़ रुपये से ज़्यादा की जमा रकम पर 4 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा. बैंक की तरफ से कहा गया है कि मुद्रास्फीति की दर में कमी और वास्तविक ऊंची ब्याज दरों के कारण बचत खातों पर दिए जाने ब्याज की दरों में बदलाव करना बहुत ज़रूरी हो गया था

मिनिमम मंथली बैलेंस नहीं होने पर पेनाल्टी
स्टेट बैंक के सेविंग अकाउंट में मंथली ऐवरेज बैलेंस नहीं रखने पर 100 रुपये तक की पेनल्टी भी  चुकानी होगी। इस जुर्माने पेनल्टी में हाल ही में पूरे देश में लागू हुए जीएसटी के टैक्स को शामिल नहीं किया गया है। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के मुताबिक बैंक सामान्य बचत खातों में तय न्यूनतम रकम न रखने पर पेनाल्टी लगा सकते हैं। इस बारे में स्टेटड बैं की वेबसाइट में जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक मंथली ऐवरेज बैलेंस के तहत रकम और पेनाल्टी को बैंक ने चार भागों में बांटा है जो इस तरह हैं. मेट्रो, अर्बन, सेमी-अरबन और ग्रामीण

बैंक ऑफ बड़ौदा में भी बदलाव
स्टेट बैंक के अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी 50 लाख तक की जमा रकम पर ब्याज दर को आधा फीसदी कम किया है।  इसे 4 फीसदी से घटाकर 3.50 फीसदी कर दिया है।  बैंक में सेविंग अकाउंट रखने वाले लोगों को 50 लाख रुपये तक की रकम पर सालाना 3.50 फीसदी की दर से ब्याज सेविंग अकाउंट मिलेगा। गौर करने वाली बात ये है कि यहां भी 50 लाख से ऊपर की रकम पर मिलने वाले ब्याज दर में बदलाव नहीं किया है। हाल ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जिससे रेपो रेट घटकर 6 फीसदी हो गई है। ये पिछले सात साल में सबसे कम है।

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