बीजेपी-जदयू के 50-50 फॉर्मूले पर बिफरे रालोसपा नेता ने दी अंजाम भुगतने की धमकी

रालोसपा नेता नागमणि ने कहा कि बीजेपी और जदयू ने सीट समझौते से पहले रालोसपा को बुलाया तक नहीं।

New Delhi, Oct 28 : बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम नीतीश कुमार के बीच सीटों के समझौते के ऐलान के बाद जहां एक तरह जदयू इसे राजनीतिक जीत मान रही है, तो दूसरी ओर एनडीए की सहयोगी दल रालोसपा नेता नागमणि ने अंजाम भुगतने की धमकी दी है। रालोसपा नेता नागमणि ने कहा कि जदयू और बीच 50-50 का समझौता हुआ है, ये एनडीए को बहुत महंगा साबित होगा, हालांकि बीजेपी ने कहा कि नागमणि के बयान को वो तरजीह नहीं देते हैं, उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए के साथ है।

नागमणि ने दिखाये तेवर
रालोसपा नेता नागमणि ने तेवर दिखाते हुए कहा कि 1.5 फीसदी वोट शेयर वाले नीतीश की पार्टी को 16-17 दिये जाने की बात की जा रही है, जबकि उनकी पार्टी का बिहार में वोट शेयर करीब 110 फीसदी के करीब है, तो उन्हें सिर्फ 1 या 2 सीट का ऑफर किया जा रहा है, नागमणि ने आगे बोलते हुए कहा कि अगर एनडीए में रालोसपा को उचित मान-सम्मान नहीं मिलेगा, तो कुशवाहा और तेजस्वी यादव की मुलाकात नये समीकरण गढ सकते हैं।

हमें बुलाया तक नहीं
नागमणि ने आगे बोलते हुए कहा कि बीजेपी और जदयू ने सीट समझौते से पहले रालोसपा को बुलाया तक नहीं, बीजेपी-जदयू जब तक इस बात का ऐलान नहीं कर देते हैं कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी, तब तक हमारी पार्टी इंतजार करेगी, अगर जनाधार के अनुरुप सीटों का सही बंटवारा नहीं किया गया, तो रालोसपा की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा किया जाएगा।

पार्टी का जनाधार बढा है
रालोसपा नेता ने दावा करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में उनकी पार्टी लोकप्रिय हुई है, उनका जनाधार पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है, नागमणि ने अपनी पार्टी को सीधे कुशवाहा वोट बैंक से जोड़ते हुए कहा कि उनका 10 फीसदी वोट पर कब्जा है, आगामी चुनाव में उसका नतीजा भी सामने आ जाएगा, रालोसपा नेता ने तीखे तेवर के साथ बीजेपी-जदयू को अंजाम भुगतने की धमकी दी।

कुशवाहा तेजस्वी मुलाकात
आपको बता दें कि इधर दिल्ली में जब नीतीश अमित शाह के साथ बैठक सीट शेयरिंग का मामला सुलझा रहे थे, तो अरवल के एक सर्किट हाउस में कुशवाहा तेजस्वी के साथ खीर बनाने की तैयारी कर रहे थे, हालांकि बाद में उपेन्द्र कुशवाहा ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि ये मुलाकात संयोग वश था, इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं हुई, वो एनडीए में हैं और आगे भी रहेंगे।