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रतन टाटा ने चीन की बर्बादी का सामान तैयार किया, ड्रैगन होगा तबाह

रतन टाटा चीन

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। चीन भारत को जंग की धमकी दे रहा है। वहीं अब भारत ने भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कमर कस ली है। रक्षा के क्षेत्र में भारत को किसी भी तरह की कमी न हो इसके लिए मोदी सरकार दुनिया के ताकतवर देशों के साथ रक्षा समझौते कर रही है। वहीं अब भारत की कंपनियां भी रक्षा के क्षेत्र में उतर रही हैं। मुकेश अंबानी की रिलायंस के बाद अब रतन टाटा भी मैदान में उतर चुके हैं। बता दें कि रिलायंस डिफेंस मिसाइल निर्माण में राफेल के साथ मिलकर मिसाइलों के निर्माण में जुटी हैं। इसके बाद अब रतन टाटा ने भी डिफेंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।  

बता दें कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एफ-16 फाइटर प्लेन के भारत में निर्माण को लेकर एक डील हुई थी। अब खबर आ रही है कि एफ-16 विमान बनाने वाली कंपनी भारत में टाटा के साथ मिलकर इस महाविनाशक फाइटर प्लेन का निर्माण करेगी। गौर करने वाली बात ये है कि टाटा संस के चेयरमैन रहते हुए रतन टाटा पहलेे भी भारतीय सेना के लिए मजबूत और टिकाऊ गाड़ियों के साथ साथ एंटी लैंडमाइन व्हीकल भी तैयार कर चुके हैं। टाटा के वाहन सालों से सेना में काम कर रहे हैं। मजबूती में ये वाहन बेजोड़ होते हैं। इसी के साथ आपको बता दें कि अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ चिनूक हेलीकॉप्टर और अपाचे हेलीकॉप्टर की जो डील साइन हुई थी, उसको मूर्त रूप देने का काम टाटा ही कर रही है।

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दिनों बोइंग ने चिनूक हेलीकॉप्टर के पार्ट्स सप्लाई किए थे।  पार्ट्स आने के बाद उनकी असेंबलिंग टाटा की फैक्ट्री में की जा रही है। चिनूक हेलीकॉप्टर भी काफी मारक होते हैं। इसी के साथख बता दें कि अपाचे हेलीकॉप्टर के पार्ट्स भी भारत आने शुरू हो गए हैं। इन पार्ट्स को टाटा की फैक्ट्री में जोड़ा जाएगा। जहां पर अपाचे हेलीकॉप्टर का ढांचा तैयार किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भारत की लगातार बढ़त को लेकर ऱक्षा जानकार बताते हैं कि आने वाले कुछ सालों में इंडियन एयरफोर्स को ये दोनों खतरनाक हेलीकॉप्टर मिल जाएंगे। अमेरिका यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने एफ-16 जेट की जो डील की थी। उसे भी टाटा पूरा करेगी।

इस तरह से देखें तो भारतीय सेना को मजबूती देने के लिए जो डील हो रही हैं उनमें टाटा की प्रमुख भूमिका है। खतरनाक हथियारों के लिए टाटा ने अपनी फैक्ट्रियों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कुछ ही दिनों में एफ-16 बनाने वाली कंपनी लॉकहिड मार्टिन के अधिकारी टाटा की फैक्ट्री का जायजा लेंगे। उसके बाद भारत में एफ-16 विमानों का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि रक्षा क्षेत्र में टाटा काफी पहले से काम कर रही है। भारतीय सेना के लिए टाटा हाई क्वालिटी तोपों का भी निर्माण कर रही है। इस के अलावा एंटी लैंड माइन गाड़ियां भी तैयार की जा रही हैं। चीन के खतरे को देखते हुए ये काफी अहम खबर है। रतन टाटा पहले भी अपने बयानों के जरिए देशभक्ति जाहिर कर चुके हैं। जाहिर है कि उनका रक्षा के क्षेत्र में उतर कर भारतीय सेना को मजबूत करने का इरादा काबिले तारीफ है।

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