गुजरात में हार के बाद राहुल गांधी ने कही बड़ी बात, कांग्रेस में मची हलचल

राहुल गांधी, गुजरात चुनाव

राहुल गांधी, गुजरात चुनाव

गुजरात के नतीजे आ गए हैं, बीजेपी ने छठी बार सरकार बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है। 1995 के बाद से ही राज्य की सत्ता पर लबीजेपी का कब्जा है। हालांकि इस बार बीजेपी के लिए सबसे बड़ा मुकाबला था। पिछले कई सालों में ये पहली बार था जब बीजेपी को इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। पार्टी का वोटबैंक कहा जाने वाला पाटीदार समाज नाराज था. हार्दिक पटेल के उभार ने भी परेशानी में इजाफा किया, लेकिन तमाम मुश्किलों के बाद भी भाजपा चुनाव में जीत गई

कांग्रेस के नेताओं में गुजरात की हार के बाद मायूसी है. वो राहुल गांधी का बचाव कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि राहुल ने पूरी मेहनत की थी लेकिन राज्य की जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया. गुजरात कांग्रेस प्रभारी अशोक गहलोत ने तो चाटुकारिता की हद करते हुए कहा कि हार की जिम्मेदारी उनकी है, राहुल गांधी ने जिस तरह से प्रचार किया उस से इंदिरा गांधी की याद आ गई। यानि वंशवाद में उदाहरण देने के लिए भी परिवार के ही नेता का नाम याद आया।

हालांकि हार के बाद राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिए जो कहा उस से कांग्रेसियों में हलचल तेज हो गई है। राहुल ने ट्वीट किया औऱ हार की जिम्मेदारी ली, उन्होंने कहा कि वो गुजरात की जनता के फैसले को स्वीकार करते हैं। गुजरात के कांग्रेसी भाई बहनों का धन्यवाद जिन्होंने गुस्से का जवाब प्यार से दिया। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोग हमेशा के लिए उनके दिल में बस गए हैं। बता दें कि बतौर कांग्रेस अध्यक्ष ये राहुल गांधी का पहला चुनाव था।

राहुल गांधी ने भले ही गुजरात की जनता के फैसले को स्वीकार कर लिया है लेकिन अभी भी कांग्रेस के नेताओं की वफादारी कम नहीं हुई है। वो सामने आ कर हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में हार के बाद वीरभद्र सिंह ने कहा कि वो हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं। अर जब पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कह रहा है कि ये उसकी जिम्मेदारी है तो उसे लेने दो ना, क्यों कुर्बानी का बकरा बन रहे हैं। लेकिन ये कांग्रेस की पुरानी परंपरा है। चुनाव का नतीजा अगर जीत है तो राहुल की जयजयकार, हार गए तो ईवीएम या फिर तमाम नेता लाइन लगाकर खड़े रहते हैं सिर कटाने के लिए।