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बीजेपी ने इस अधिकारी के साथ भी कर दिया कांग्रेस जैसा बर्ताव, पढ़ें

Pradeep-Kasni,-Haryana-IAS

नई दिल्ली (ब्यूरो, रिपोर्ट अड्डा): 1997 बैच के IAS अफसर एक नहीं झुकने वाले नौकरशाह के रूप में प्रचलित है। यहीं वजह है कि वो 33 साल की नौकरी में 70 बार तबदला झेल चुके है। हरियाणा में किसी की भी सरकार हो वे तबादला झेलते रहे लेकिन उन्होंने अपना मिजाज नहीं बदला। जबकि अगले साल वे रिटायर होने वाले है। अब कासनी को इन तबादलों की आदत हो चुकी है।

राज्य सिविल सेवा से IAS में आए कासनी अपने तबादलों के इतने अभ्यस्त हो चुके हैं कि अब वे इसपर कोई प्रतिक्रिया भी व्यक्त नहीं करते। सरकार किसी की हो चाहे कितनी बार भी तबादले हो कासनी किसी भी बात की परवाह किये बिना अपने तरीकों से काम करते है। जिंदगी भर अपने हिसाब से काम करने वाले कासनी अपने बचे हुए सेवाकाल में अपने मिजाज बदल में तब्दीली लाएंगे इसकी संभावना कम ही है।
प्रदीप कासनी की गिनती हरियाणा के उन IAS अफसरों में होती है जो अपने सिद्धान्तों के लिए मशहूर है। सरकार किसी भी पार्टी की हो उनका सिद्धान्तों से अडिग ना होने की आदत ने उनके नसीब में तबादला लिख दिया।

कांग्रेस की हुड्डा सरकार के दौरान जब भी कासनी का ट्रांसफर हुआ BJP नेताओं ने यह कह कर हंगामा मचाया कि कांग्रेस एक ईमानदार अफसर को काम करने नहीं दे रही। माना जाने लगा जब राज्य की सत्ता में BJP आएगी कासनी को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जायेगी।

जब BJP सत्ता में आई तो कासनी को गुरुग्राम डिवीजन का कमिश्नर बना दिया गया। पर जल्द ही उन्हें वहां से बिना नई नियुक्ति दिए हटा भी दिया गया। इसके बाद कासनी को लगातार एक के बाद एक दूसरे महकमें में भेजा गया। कभी पुरातत्व, कभी संग्रहालय, कभी ITI, कभी विज्ञान व तकनीकी, तो कभी किसी बोर्ड निगम में। BJP की सरकार में पिछले 2.5 साल में कासनी के 13 ट्रांसफर हो चुके है। जिसमें हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रुप में उनका 13वां ट्रांसफर हुआ।

नियमों के अनुसार जब तक कोई जरूरी बात ना हो तब तक किसी एक IAS कम से कम है, लेकिन कासनी को सिर्फ कुछ घंटों के लिए Finance Dipartment का Secretary बनाया गया था।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के ही एक और अफसर अशोक खेमका को 25 साल के कार्यकाल में 47 ट्रांसफर मिले थे।

2014 में पूर्व हरियाणा सीएम हुड्डा के कार्यकाल में 5 कमिश्नरों की बहाली को रोक दिया गया था। राज्य सरकार को अनेको आरोपों का सामना करना पड़ा था। इसके 9 दिन के अंदर कासनी का तबादला हो गया। वो भी अपने रैंक से काफी छोटे काम के लिए ट्रांसफर किया गया था। उन्हें Administrative reform Department के सेक्रेटरी से कमांड एरिया डेवलपमेंट एजेंसी के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। उसके बाद हुड्डा ने उन 5 कमिश्नरों को शपथ दिलाई थी। उसके बाद भी कासनी के तबादलों का सफर अनवरत जारी रहा।

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