पीएम मोदी का खतरनाक प्लान, चुनाव में ये दांव उनके अलावा कोई नहीं चल सकता

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pm-modi-with-amit-shahप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में कब कौन सी बात रहती है ये किसी को नहीं पता, कहा जाता है कि वो विरोधियों की सोच से आगे की सोचते हैं, संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष की धज्जियां उड़ाईं वो कई संकेत दे रहा है, पीएम मोदी के मन में कुछ तो चल रहा है, वो कोई बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी भनक तक विपक्ष को नहीं लग पाई है। कांग्रेस अभी तक संसद में मोदी के हमले के दर्द को ही सहला रही है वहीं मोदी ने अपने प्लान को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है।

क्या है पीएम नरेंद्र मोदी का वो प्लान जिस से विरोधियों की हवा खराब हो रही है, दरअसल इस प्लान के जरिए मोदी न केवल केंद्र की सत्ता पर काबिज रहेंगे बल्कि 10 राज्यों में भी बीजेपी का बेड़ापार हो जाएगा। जी हां मोदी एक साथ लोकसभा औऱ दस राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने की सोच रहे हैं। बीजेपी राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ लोकसभा चुनाव कराने का दांव चल सकती है। सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने के लिए बीजेपी ने महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में भी पहले चुनाव कराने का मन बना लिया है। इन तीनों राज्यों की सरकारों का कार्यकाल नवंबर 2019 में पूरा होने वाला है। इस तरह से केंद्र के साथ 6 राज्यों में चुनाव की तैयारी पूरी तरह से पुख्ता कर ली गई है।

बात केवल इतनी सी नहीं है, नरेंद्र मोदी 6 राज्यों के अलावा भी बाकी राज्यों को मनाने में लगे हुए हैं, जिन राज्यों में एनडीए की सरकार है वहां भी चुनाव कराए जा सकते हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी समय से पहले चुनाव हो सकते हैं। इन दोनों राज्यों में समय से 5 महीने पहले चुनाव होने पर वो लोकसभा चुनाव के साथ ही होंगे। इस तरह से 8 राज्य हो गए, इसके अलावा बिहार में भी एनडीए की सरकार है, नीतीश कुमार एक साथ चुनाव कराने के पक्षधर हैं, वो पहले ही कह चुके हैं कि अगर सभी चुनाव एक साथ होते हैं तो वो इसके लिए तैयार हैं। ऐसे में बिहार भी उन राज्यों में शुमार हो गया जहां पर लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।

अब इसका फायदा क्या होगा ये समझते हैं, लोकसभा के साथ विधानसभा के चुनाव होने पर नरेंद्र मोदी मुख्य केंद्र में आ जाएंगे, राजज्यों के मुद्दे कहीं पीछे रह जाएंगे, साथ ही बीजेपी शासित राज्यों में सत्ता विरोधी लहर भी कमजोर हो जाएगी। ये मोदी का वो प्लान है जिसके दम पर वो राज्यों की सत्ता के साथ साथ केंद्र की सत्ता पर भी बीजेपी की पकड़ को बरकरार रखेंगे। इस के अलावा क्षेत्रीय नेताओं के लिए समस्या खड़ी हो जाएगी, उनके सामने दो ही विकल्प बचेंगे, या तो बीजेपी के साथ या फिर कांग्रेस के साथ, एक तरह से वो कमजोर होंगे। इस प्लान के जरिए मोदी देश को न्यू इंडिया का सपना दिखाएंगे, वो कहेंगे कि न्यू इंडिया की तरफ ये पहला कदम है, चुनावी खर्चे में इस से बचत होगी, साथ ही समय भी बचेगा, अब इस प्लान का तोड़ कांग्रेस के पास नहीं है, यही कारण है वो तिलमिलाई हुई है, संसद में मोदी के भाषण के बाद जिस तरह का माहौल बना है उस से ये साफ है कि मोदी अपने इस दांव को आजमाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।