बदजुबानी पर उतरे सांसद पप्पू यादव, दिया शर्मनाक बयान

पप्पू यादव ने पराकाष्ठा की सीमा लांघते हुए बेहद ही घटिया और शर्मनाक बयान दिया है। उन्होने महिलाओं के वस्त्र को लेकर बड़ी अटपटी बात कही है।

New Delhi, Oct 31 : जनअधिकार पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक और मधेपुरा सांसद पप्पू यादव अकसर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं, या फिर ये भी कह सकते हैं कि बयानों से विवाद खड़ा कर देते हैं, नया वाकया बिहार की राजधानी पटना का है, जहां पर मधेपुरा सांसद ने कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के साथ-साथ लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसे हम यहां लिख भी नहीं सकते ।

शर्मनाक बयान
मधेपुरा सांसद ने पराकाष्ठा की सीमा लांघते हुए बेहद ही घटिया और शर्मनाक बयान दिया है। उन्होने महिलाओं के वस्त्र को लेकर बड़ी अटपटी बात कही है, बताया जा रहा है कि सांसद ने ये बयान टिकट के लिये नेताओं के रवैये को लेकर दिया है। पप्पू यादव के निशाने पर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, मीरा कुमार और रामविलास पासवान थे।

तेजस्वी पर हमलावर हैं पप्पू यादव
पप्पू यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन पर कहा कि उनका गठबंधन जनता के साथ है, वो तेजस्वी यादव को नहीं जानते, मधेपुरा सांसद ने खुलकर बोलते हुए कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में गठबंधन बीजेपी और कांग्रेस की अगुवाई में होगी, पप्पू यादव ने अपने प्रेस कांफ्रेस में आगामी लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस के साथ गठबंधन के संकेत भी दिये।

पत्नी है कांग्रेस से सांसद
आपको बता दें कि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सुपौल से चुनाव जीती थी, उन्हें कांग्रेस का फायरब्रांड नेता माना जाता है, पप्पू यादव भरपूर कोशिश कर रहे हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी का गठबंधन कांग्रेस के साथ हो जाए, इस सिलसिले में वो कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल से तीन बार मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन तेजस्वी यादव के वीटो की वजह से उनकी बात नहीं बन पा रही है।

लालू की तारीफ, परिवार पर हमला
बीते दिनों पप्पू यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तारीफ की थी, उन्होने कहा था कि लालू उनके नेता थे और रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही उन्होने उनके परिवार पर हमला किया था, तेजस्वी को लेकर उन्होने कहा था कि उन्हें कोई नहीं जानता। महागठबंधन में जाने पर पप्पू यादव ने कहा था कि इस पर फैसला कांग्रेस को करना है, अगर गठबंधन नहीं हुआ, तो वो अकेले भी चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं।