panchak

panchak

ज्योतिष शास्त्र में पंचक को अशुभ करार दिया गया है. पंचक के दौरान कुछ ख़ास काम करने की मनाही होती है. इस बार से यह 25 नवंबर, शनिवार की रात 10.02 मिनट से शुरू होगा और 30 नवंबर दोपहर 12.40 तक रहेगा। आज आपको बताते है की पंचक के बारे में. पंचक कितने प्रकार के होते है और इसमें कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए.

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ये 5 प्रकार के होते हैं. रोग, राज, अग्नि, मृत्यु और चोर पंचक. रोग पंचक में मानसिक और शारीरिक रोग का खतरा रहता है. ये रविवार से शुरू हो रहा है. राज पंचक सोमवार से शुरू हो रहा है और इस समय में सरकारी काम में सफलता मिलती है. अग्नि पंचक के दौरान कचहरी विवाद आपके हक़ में आने के चान्सेस रहते हैं, सोमवार से शुरू हो रहे इस पंचक में मशीनरी कामो की शुरुआत अशुभ मानी जाती है.

चौथा पंचक होता है मृत्यु पंचक, जैसा कि नाम से ही साफ़ होता है इसकी परेशानी मृत्यु के बराबर होती है. शनिवार से शुरू हो रहे इस योग में जोखिम भरे काम नहीं करना चाहिए. इस विवाद से चोट और दुर्घटना का खतरा रहता है. और चोर पंचक में यात्रा करने की मनाही होती है और साथ ही किसी व्यापारिक सौदे में भी नहीं पड़ना चाहिए, ये पंचक शनिवार से शुरू हो रहा है.

पंचक में नहीं करना चाहिए ये काम

चारपाई नहीं बनवानी चाहिए बड़ा संकट आने का खतरा रहता है. इस दौरान जली हुई लकड़ियाँ नहीं रखनी चाहिए, दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा घर की छत भी नहीं बनवानी चाहिए और सबसे जरुरी बात, इस दौरान अगर किसी का देहांत हो जाये तो अंतिम संस्कार करवाने से पहले किसी पंडित की सलाह लेनी चाहिए.

क्या करना चाहिए ?

इस दौरान सगाई और विवाह शुभ माने जाते हैं. बीज बोना, गृह प्रवेश, शांति पूजा और जमीन से जुड़े कार्य पंडित से सलाह लेने के बाद किये जाने चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *