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नोटबंदी में फंस गया पूरा विपक्ष, पीएम मोदी का नया हाहाकारी प्लान !

पीएम मोदी का नया हाहाकारी प्लान

नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा) : नोटबंदी को पूरा एक महीना हो गया है। इस दौरान देश की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन तमाम परेशानियों के बाद भी जनता ने नोटबंदी के फैसले को स्वीकार कर लिया है। बैंकों और एटीएम के बाहर अभी भी लाइनें लग रही हैं। जनता शांत है। जनता की यही शांति विपक्ष को परेशान कर रही है। संसद का शीतकालीन सत्र अभी तक नोटबंदी की भेंट चढ़ गया है। विपक्ष लगातार नोटबंदी के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहा है। वो लगातार हंगामा खड़ा कर रहा है। संसद में पीएम मोदी के भाषण की मांग कर रहे हैं।

दरअसल नोटबंदी को लेकर हो रहे विपक्ष के हंगामे के पीछे पीएम मोदी की चाल है। वो नहीं चाहते हैं कि विपक्ष का हंगामा खत्म हो। इस हंगामे के कारण जनता के बीच विरोधी सियासी दलों की पोल खुलती जा रही है। पीएम मोदी ने संसद में अभी तक बयान नहीं दिया है। जिस दिन वो सदन में बोलेंगे उस दिन पूरा विपक्ष खामोश हो जाएगा। ये बात खुद विपक्ष भी जान रहा है। हालांकि पीएम मोदी की योजना ये नहीं है। वो इस हंगामे के बीच नोटबंदी को लेकर नई योजना पर काम कर रहे हैं।

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विपक्ष नोटबंदी का विरोध करके जनता के सामने खुद ही बेनकाब हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार के सामने अपनी आगे की रणनीति बनाने में जुट गया है। इसी के साथ जनता को राहत देने के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री जेटली ने कुछ नए फैसले किए हैं। कैशलेस अर्थ व्यवस्था की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए सरकार ने ऑन लाइन ट्रांजैक्शन में कई तरह की छूट दी है। ये जाहिर तौर पर जनता के लिए फायदेमंद होगा। वहीं इसके साथ ही सरकार कुछ और नए फैसले करने पर भी विचार कर रही हैं। ये भी कयास लग रहे हैं कि आने वाले बजट में गरीबों और मध्य वर्ग के लिए नोटबंदी से आए पैसों से नई योजना चलाई जा सकती है।

लेकिन जो सबसे हैरान और चौंकाने वाली बात है वो ये है कि केंद्र सरकार विपक्ष के हंगामे को भुनाने की कोशिश में है। इसके तहत पीएम मोदी विपक्षी दलों की एकता में दरार डालने का काम शुरू कर दिया है। नीतीश कुमार पहले से नोटबंदी की तारीफ कर रहे हैं। वहीं ममता बनर्जी विरोध की सीमा पार गई हैं। अब वो नोटबंदी का नहीं बल्कि पीएम मोदी का विरोध कर रही हैं। अरविंद केजरीवाल पहले ही सोशल मीडिया पर बदनामी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में ले दे कर कांग्रेस और वाम दल ही हैं जो नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं। कुल मिलाकर पीएम मोदी की चाल में फंस कर विपक्ष पूरी तरह से झन्ना गया है उसे समझ नहीं आ रहा है कि वो किस तरह से पीएम मोदी के फैसलों का विरोध करे।

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