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पीएम मोदी का शानदार तोहफा, बिल्डर ने किया परेशान तो भरेगा मुआवजा

modi ka tohfa builder ne kiya preshan to bharega muawja

नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा): केंद्र की मोदी सरकार ने जनता की भलाई के लिए कई नए कानून और नियम बनाए हैं। जिनके आधार पर जनता को सहूलियतें मिल सकें। आज की तारीख में घर का सपना सबसे बड़ा सपना है। हर किसी की इच्छा होती है कि उसका भी एक घर हो। लेकिन कई बार देखा गया है कि ये सपना बिल्डरों के जाल में उलझकर रह जाता है।

ऐसे में पीएम मोदी ने जनता की भलाई के लिए एक और शानदार फैसला किया है। अब अगर कोई बिल्डर घर देने में देरी करता है या फिर आनाकानी करता है तो उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।बिल्डर पजेशन देने में देरी कर रहा है। तो उसे 10.9 फीसदी की दर से खरीदार को ब्याज देना होगा। वहीं अगर खरीदार ने किश्त जमा करने में देरी की तो खरीदार को भी इसी दर से बिल्डर को ब्याज देना होगा। बता दें कि पहले किश्त जमा होने में देरी पर खरीदार को 15 फीसदी की दर से ब्याज देना पड़ता था। लेकिन पीएम मोदी के कारण अब खरीदारों को राहत मिली है। इसके अलावा अगर खरीदार अपना पूरा पैसा वापसचाहते हैं तो बिल्डर को पूरा पैसा वापस करना होगा। खरीदार द्वारा दावा किए जाने के 45 दिनों के अंदर बिल्डर को पूरा पैसा वापस करना होगा। इस पर ब्याज दर एसबीआई की मार्जिनल मनी की लैंडिंग रेट से 2 फीसदी ज्यादा तय की गई है।

इन नियमों के नोटिफाई होने के बाद हर बिल्डर को स्टेट रेगुलेटर के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करने के 3 महीने के अंदर डेवलपर्स को इकट्ठा किए गए फंड का 70 फीसदी हिस्सा एक अलग बैंक खाते में जमा कराना होगा।

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इस नियम का फायदा ये होगा कि अब डेवलपर्श प्रोजेक्ट का पैसा किसी और काम में इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। जिसके चलते समय पर कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होगा। लोगों को समय पर घर मिल सकेगा। इसके अलावा अब बिल्डर को ये भी बताना होगा कि वो कितने समय में खरीदार को मकान सौंपेगा। मोदी सरकार के इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जो सालों से इंतजार कर रहे हैं अपने घर का।

कई बार देखने में आया है कि खरीदार 10 साल 11 साल से इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनका घर उन्हे नहीं मिला है। मोदी सरकार के इन नियमों से उन बिल्डरों की परेशानी बढ़ेगी जो खरीदारों के पैसों का इस्तेमाल किसी और काम के लिए करते हैं। नए नियम और कानून के बाद अब खरीदार की शिकायत आने के 60 दिनों के अंदर रोगुलेटर को मामले का निपटारा करना होगा। सरकार के ये नियम केंद्रशासित प्रदेशों में भी लागू किए जाएंगे। अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दादर और नगर हवेली, दमन – दियु और लक्षद्वीप में भी लागू होंगे।

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