मोदी सरकार आपके खाते में डालेगी

मोदी सरकार आपके खाते में डालेगी

नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा):  केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से ही लगातार ये सवाल पूछा जा रहा है कि आम जनता के खातों में 15 लाख रूपये कब आएंगे।

इस चुनावी नारे के कारण बीजेपी पर विरोधियों ने जमकर हमला किया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इसे चुनावी जुमला बता कर खुद मुसीबत मोल ले चुके हैं। ऐसे में अब एक बार फिर से बैंक खातों में पैसों की बात सिर उठाने लगी है। चुनाव का मौसम है और विरोधी मोदी सरकार पर इसी को लेकर हमला कर रहे हैं।

इन सारे हमलों के बीच सरकार आपके खाते में अब पैसे डालने को लेकर विचार कर रही है। जी हां नोटबंदी के बाद से इस बात को लेकर कई बार चर्चाएं हुई हैं कि मोदी सरकार जनधन खातों में पैसे डाल सकती है। कभी इसकी रकम 10 हजार बताई जाती है तो कभी 1 हजार बताई जाती है। लेकिन क्या हम सभी को वाकई में मुफ्त के पैसे चाहिए। बिना कुछ किए अकाउंट में 15 लाख आ जाएं, 15 हजार आ जाएं या फिर 1 हजार ही आ जाएं। उसके बाद क्या होगा। क्या सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

कभी सोचा है कि एक बार खातों में पैसा आने के बाद आप क्या करेंगे। आपने देश के लिए क्या किया है। चलिए मान लते हैं केंद्र सरकार आपके खाते में 5 लाख, 15 लाख डाल देगी लेकिन क्या आप इसके बादले में कुछ काम करने के लिए तैयार है। काम भी ऐसा नहीं जो आप कर नहीं सकते हैं। एक सामान्य नागरिक का फर्ज अदा कर सकते हैं आप। केंद्र सरकार की कितनी योजनाएं हैं स्वच्छ भारत योजना, शौचालय बनाने की योजना। क्या आपको वाकई में लगता है कि इन योजनओं पर पैसा खर्च करने के बजाय मुफ्त में खातों में पैसे डालने चाहिए।

मुफ्त की आदत अच्छी नहीं होती है। अगर आप एक जागरूक नागरिक होने का फर्ज निभा रहे हैं तो आप सरकार से उसके वादे पूरे करने के लिए बोल सकते हैं। अगर आप अपने आस पास सफाई रखते हैं तो आप शिकायत कर सकते हैं। वैसे भी भारत में ये सबसे बड़ी समस्या है कि हम शिकायत ज्यादा करते हैं समाधान नहीं खोजते हैं। क्या कभी सोचा है कि बैंक खातों में एक बार 15 लाख या फिर 5 लाख आ गए तो तो क्या उनसे पूरी जिंदगी कट जाएगी। जिंदगी नहीं कटेगी बल्कि मुफ्त की आदत लग जाएगी। इस बारे में सोचने की जरूरत है कि हमें क्या चाहिए। मुफ्त की बात करने से अच्छा है कि सरकार से रोजगार के बारे में बात की जाए। कभी सोच कर देखिए.

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