modi-government-big-announcement-regarding-article-370-in-kashmir

modi-government-big-announcement-regarding-article-370-in-kashmirयाद करिए 2014 लोकसभा चुनाव से पहले का समय था, नरेंद्र मोदी बीजेपी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार थे, उस समय वो कहा करते थे कि सत्ता में आने के बाद कश्मीर में धारा 370 को हटाना उनकी प्राथमिकता होगा, धारा 370 के तहत कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है, इसी के कारण वहां का अपना अलग संविधान है। अब सरकार में रहते हुए साढ़े तीन साल बाद पहली बार मोदी सरकार गंभीर लग रही है, धारा 370 के मुद्दो पर इन दिनों बहस हो रही है, ये चर्चा का विषय बना हुआ है, भारत जैसे संघीय देश में धारा 370 ठीक नहीं है, एक राज्य को अलग से इतनी ताकत देेना भी ठीक नहीं है। पिछले कुछ समय से मोदी सरकार कई सुधारवादी कदम उठा रही है। तीन तलाक पर जिस तरह से सरकार का रुख रहा है वो मुस्लिम महिलाओं को काफी पसंद आया है।

इसी तरह से अब सरकार धारा 370 को लेकर गंभीर हो रही है, बीजेपी के नेता खुल कर इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं, उनका कहना है कि बचे हुए कार्यकाल में मोदी सरकार धारा 370 को हटाने की दिशा में काम कर सकती है। कई बीजेपी नेताओं का तो ये भी कहना है कि सरकार ी प्राथमिकता धारा 370 को खत्म करना है, वो इस काम को इसी टर्म में पूरा करेगी। खास बात ये है कि धारा 370 को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चा हो रही है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी इस मुद्दे पर कुछ ज्यादा ही मुखर रहे हैं। वो राष्ट्रहित के मुद्दों पर जोरदार तरीके से आवाज उठाते रहे हैं। जिसके कारण उनको अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना करना पड़ता है, इसके बाद भी वो अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी पहले ऐसे नेता है जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी लाइन तय की है, उनका कहना है कि 2019 में बीजेपी विकास नहीं बल्कि हिंदुत्व के मुददे पर चुनाव जीतेगी, अगर पार्टी हिंदुत्व के मुद्दे से हटती है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। स्वामी ने राम मंदिर से लेकर धारा 370 तक पर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि संविधान की धारा 370 हटाना मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस काम को भी मोदी सरकार जल्द ही पूरा करेगी। स्वामी सरकार की प्राथमिकता के बारे में बता रहे हैं या फिर वो इशारा दे रहे हैं कि सरकार ये काम जल्दी ही पूरा करने वाली है। बता दें कि धारा 370 को हटाना इतना आसान नहीं है, इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा, जिसके लिए दोनों सदनों में बहुमत की जरूरत होती है.

बीजेपी के पास लोकसभा में तो बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी वो बहुमत के आंकड़े से दूर है। ऐसे में धारा 370 को हटाने के लिए विरोधी दलों से बात करनी होगी, विरोधी दल जाहिर तौर पर सरकार की इस कोशिश का विरोध करेंगे, देश की संप्रुभता और अखंडता की दुहाई देते हुए कहा जाएगा कि धारा 370 खत्म नहीं हो सकता है, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे नेता भी खुल कर सामने आ जाएंगे, ऐसे में मोदी सरकार  धारा 370 को किस तरह से हटाएगी। बता दें कि धारा 370 के मुद्दे पर बीजेपी के कई नेता लगातार बयान दे रहे हैं, कश्मीर की आधी समस्या के लिए धारा 370 को जिम्मेदार ठहराया जाता है, अगर ये खत्म हो जाती है तो केंद्र सरकार को घाटी में और ज्यादा अधिकार मिल जाएंगे.

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