lalu yadav scam

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): बिहार की सियासत में लालू यादव वो खिलाड़ी हैं जिनको किंग मेकर माना जाता है। लालू यादव खुद को भूमि पुत्र और किसान का बेटा कहते हैं। ये अलग बात है कि उन पर घोटालों के दाग लगे हैं। चारा घोटाले में दोषी और सजायाफ्ता लालू यादव आज खुद को पवित्र मानते हैं। उनको लगता है कि जनता सब कुछ भूल जाती है। वंशवाद की राजनीति को उन्होंने जमकर पानी दिया। कौन भूल सकता है कि जेल जाने से पहले किस तरह से उन्होंने सत्ता अपने पास रखने के लिए अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनया था।

ये भारतीय लोकतंत्र में ही संभव है कि एक घोटाले का दोषी नेता औऱ जेल जा चुका नेता खुद को किंग मेकर कहे। दूसरों पर आरोप लगाए। जी हां लालू यादव जो खुद चुनाव नहीं लड़ सकते हैं वो अब दूसरों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ईवीएम में गड़बड़ी की बात करने वाले लालू यादव फिर से बैलट पेपर से चुनाव कराने की वकालत करते हैं। क्या वो फिर से बिहार में जंगलराज चाहते हैं। कौन भूल सकता है लालू राज के दौरान कितने गर्त में पहुंच गया था।

लू राज के दौरान बिहार में खुलेआम बूथ लूट लिए जाते थे। बैलट बॉक्स को बदल दिया जता था। दिन दहाड़े धांधली होती थी. बहरहाल ये तो पुरानी बातें हैं। अब नया ये है कि एक बार फिर से लालू यादव घोटाले की आंच में घिर रहे हैं। उनके बड़े बेटे तेज प्राप पर मिट्टी घोटाले का आरोप लगा है। ये आरोप नीतीश कुमार की स्वच्छ राजनीति पर एक दाग की तरह है। क्योंकि तेज प्रताप नीतीश सरकार में मंत्री है। ललू यादव अपने बेटे का बचाव कर रहे हैं।

ये हैरान करने वाली बात है कि चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव घोटाले के आरोपों में फंसे अपने बेटे का बचाव कर रहे हैं। बिहार की जनता इतनी भी मूर्ख नहीं है। वो जानती है कि लालू जैसे नेता क्या कर सकते हैं। जनता एक बार पहले ही धोखा खा चुकी है। महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से बिहार में लालू यादव का सियासी दखल बढ़ा है। वो फिर से खुद को किंगमेकर समझने लगे हैं। बहुत जल्द लालू यादव को कररा झटका लगने वाला है। नीतीश कुमार को अपनी राजनीति बचानी है तो उन्हे लालू से दूर होना ही होगा।

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