lalu-yadav-giving-political-tips-to-bjp-mla-in-jail

lalu-yadav-giving-political-tips-to-bjp-mla-in-jailबैठे बैठे क्या करें करना है कुछ काम, ये लाइन शायद लालू यादव के दिमाग में आई होगी, जो फिलहाल जेल में हैं, जेल में उनके पास कुछ काम तो है नहीं, सोचा क्या करें तो अचानक ध्यान आया कि उनके पास इतना सियासी ज्ञान है, इसे ही बांटते हैं, तो इस विचार के साथ शुरू हो गई लालू की पाठशाला, वो भी जेल के अंदर केवल एक्सक्लूसिव लोगों के लिए। इतना इंट्रो ठीक लग रहा है, मुद्दे की बात पर आते हैं। चारा घोटाले के दोषी लालू जेल में हैं, जेल मैनुअल के मुताबिक वो कुछ ना कुछ तो काम कर ही रहे होंगे, लेकिन इतने बड़े नेता से काम कौन करवाएगा, तो ये माना जा सकता है कि वो खाली बैठे होंगे, लेकिन सियासी आदमी खाली नहीं बैठ सकता है।

लालू यादव के खालीपन को दूर करने के लिए एक साथी मिल गया है। बिरसा मुडा जेल में लालू ये ये शख्स सियासत का ज्ञान ले रहा है। लालू जेल में अपने अनुभव का खजाना लुटा रहे हैं, लूटने वाला भी कोई ऐसा वैसा नहीं बल्कि लालू के करीबी मित्र का बेटा है, जो लालू को चचा कहकर बुलाता है। खबर मिली है कि लालू जेल में धनबाद के झरिया से विधायक संजीव सिंह को राजनीति सिखा रहे हैं। अब संजीव सिंह कौन हैं जो जेल में ज्ञान ले रहे हैं, इनके बारे में भी तो कुछ पता होना चाहिए, नहीं तो कहानी अधूरी रहेगी। संजीव सिंह मर्डर के आरोप में जेल में बंद हैं। मर्डर भी अपने ही चचेरे भाई नीरज सिंह का, छोटे मोटे अपराधियों से लालू बात करेंगे, आपको ऐसा लगता है।

तो किस्सा कुछ इस तरह से है, संजीव सिंह और लालू यादव दोनों ही होटवार जेल में बंद हैं, एक हत्या का आरोपी है तो दूसरा घोटाले का, लालू वरिष्ठ हैं, केंद्र और राज्य की राजनीति को घोट कर पी चुके हैं, उनके ज्ञान लेने में क्या बुराई है। लालू को भी संजीव की प्रोफाइल अच्छी लगी होगी, विधायक है, हत्या के आरोप में जेल में बंद है. मतलब आगे चल कर बड़ा नेता बन सकता है। अच्छा इस मं खास बात ये है कि संजीव सिंह बीजेपी के विधायक हैं। अब इस खबर से बीजेपी के नेताओं की भावनाएं आहत हों तो उसके लिए पहले से माफी। ये दोनों जेल में एक ही अपर डिवीजन वार्ड में रह रहे हैं। अक्सर दोनों साथ में बोलते बतियाते दिखाई दे जाते हैं।

बीजेपी विधायक संजीव सिंह के पिता ‘लेट’ सूर्यदेव सिंह और लालू यादव के बीच घनिष्ठ संबंध थे। दोनों ने 80 के दशक में एक साथ अपनी विधायकी शुरू की थी। एक साथ एक ही पार्टी से विधायक बने थे। इसी आधार पर संजीव सिंह लालू को चाचा कह कर बुलाते हैं। जेल में दोनों के पास काफी समय है जिस में ये दोनों देश और दुनिया की राजनीति पर बातें करते हैं। यानि झारखंड और बिहार की राजनीति पर बातें करते हैं। खाली समय का कितना अच्छा उपयोग कर रहे हैं, संजीव सिंह अप्रैल 2017 से जेल में बंद हैं, संजीव सिंह अपने चचेरे भाई और धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में आरोपी हैं। ये हत्याकांड पिछले साल मार्च में हुआ था।

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