Lalu Yadav, लालू यादव, तेजस्वी यादव

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): लालू यादव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एक के बाद एक घोटाले करने वाले लालू के परिवार पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। चारा घोटाले में दोषी लालू के बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और लालू की बेटी मीसा भारती पर बेनामी संपत्ति का आरोप लगा है। इस मामले में अब दोनों पर आईटी विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आईटी विभाग की कार्रवाई से लालू परिवार सकते में है। इस से बिहार सरकार पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है। बता दें कि लालू चौतरफा मुसीबतों में घिरे हैं।Read Also: Video: घोटालेबाज लालू यादव ने रिपोर्टर को दी मारने की धमकी, डॉन शहाबुद्दीन को बताया दोस्त

आयकर विभाग ने तेजस्वी यादव और मीसा भारती की कुछ संपत्तियों को बेनामी संपत्ति के तहत अटैच किया है। इन संपत्तियों को एक तरह से जब्त कर लिया गया है। तेजस्वी जहां बिहार सरकार में डिप्टी सीएम हैं तो वहीं मीसा भारती राज्यसभा सदस्य हैं। बेनामी संपत्ति का मतलब जो किसी और के नाम पर खरीदी गई हैं। इनमें से कुछ मीसा के पति शैलेष के नाम पर भी हैं।

शैलेष की कुछ संपत्तियों को भी बेनामी प्रॉपर्टी के तहत अटैच किया गया है। लालू यादव परिवार के लिए मुश्किल इस बात की है कि अब इन संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता है। ना ही इनको किराए पर दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि मीसा, तेजस्वी और शैलेश पर यह कार्रवाई ‘वित्तीय अनियमितताओं’ के आरोपों को लेकर की गई है। इसके बाद से बिहार में सियासी पारा भी चढ़ गया है।

बता दें कि बेनामी संपत्ति के मामले में फंसी मीसा भारती को आयकर विभाग ने लगातार समन जारी किए थे। लेकिन मीसा व्यस्तता का बहाना बनाकर पेश होने से बचती रही हैं। इनकम टैक्स विभाग ने दो बार मीसा भारती और उनके पति शैलेश को समन जारी किया था। अब मीसा, तेजस्वी और शैलेश को यह साबित करना होगा कि उनकी अटैच की गईं संपत्तियां वैध तरीके से खरीदी गईं हैं।इस से पहले लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप के पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।

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