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क्या मुलायम ने समाजवादी पार्टी पर ये संकट पुत्रमोह में आने दिया !

Samajwadi Party Mulaya singh Yadav

नई दिल्ली (रिपोर्ट, ब्यूरो अड्डा): समाजवादी पार्टी का सारे मसले का हल मुलायम सिंह यादव के एक फार्मूले से हल हो गया। इस मामले में जीत तो शिवपाल यादव के ही हिस्से में ही आई लेकिन अखिलेश के हिस्से में बादशाहत का स्वाद आया। मुलायम ने साफ कहा कि जब तक वो जिंदा है समाजवादी पार्टी को टुकड़ों में नहीं बंटने देंगे। इस एक वाक्य में इस पूरे सियासी ड्रामे का सार छिपा हुआ था। दरअसल मुलायम से ये संदेश देना चाह रहे थे कि उनके जाने के बाद समाजवादी पार्टी के आखिरी फैसले पर अखिलेश की ही मुहर लगेगी, और ये सारा मामला यही संदेश दे रहा है।

अखिलेश के फैसले को पूरी इज्जत देने के बाद, मुलायम ने शिवपाल की वफादारी का सम्मान किया है। शिवपाल मुलायम के वो साथी हैं जो मुलायम के साथ हर वक्त में खड़े रहे। सिर्फ इसिलिए शिवपाल को आगे जाने का मौका दिया गया। अखिलेश के लिए ये संदेश पूरी पार्टी में दिया गया कि अब अखिलेश की जवाबदेही सिर्फ और सिर्फ मुलायम सिंह यादव के प्रति है। फैसले लेने के मामले में अखिलेश का पलड़ा अपने चाचाओं और मामाओं की जमात से ऊपर हो गया।

ये सारा मामला ठीक टिकटों के बंटवारे से पहले हुआ। इस शासनकाल का चंद दिनों का वक्त बचा है। असली रणनीति टिकटों के बंटवारे को लेकर होनी है। शिवपाल को अभी संतुष्ठ करके मुलायम ने अखिलेश के लिए आने वाले वक्त के रोड़े को उभरने से पहले ही शांत कर दिया। अब आने वाले वक्त में टिकटों के बंटवारे में अखिलेश ही अंतिम फैसला लेंगे। और यही अखिलेश की जीत है।

इस पूरे प्रकरण में अमर सिंह को उस रोटी की तरह इस्तेमाल किया गया। जिसको देखकर शिकार फंस जाता है। अमर सिंह पर एक्शन लेकर मुलायम पूरे परिवार को फिर एक डोर में पिराने में कामयाब हो जाएंगे। और चुनाव से पहले मुलायम का ये कदम बहुत फायदेमंद साबित होगा। क्योकि इस वक्त में हर यादव बंधु के दिल में मुलायम सिंह के प्रति अथाह प्रेम और सम्मान पनप रहा होगा। क्योकि उन्होने फैसले में बेटे दुलारे से ज्यादा भाई प्यारे को तवज्जों दी है।

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