अजब गजब धार्मिक

जानिए, एक ऐसे शहर के बारे में, जहां न धर्म है, न सरकार और न पैसा !

no any government religion and money

नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा): आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसे जानकर आप चौंक जायेगे। एक ऐसा शहर जहाँ ना धर्म हैं ना सरकार ना पैसा। जी हाँ हम जिस शहर की बात कर रहे वो अपने देश भारत में ही हैं। चेन्नई से 150km दूर हैं ये शहर। इस शहर का नाम हैं ऑरविले। जिसकी स्थापना 1968 मीरा अल्फाजों ने की थी। इस शहर को सिटी ऑफ डॉन भी कहा जाता हैं। यानि भोर का तारा।

इस शहर को बसाने का मुख्य उद्देश्य था इस शहर को जाति, धर्म और ऊँच- नीच के भेद-भाव से दूर रखना। यहाँ कोई भी इंसान आकर बस सकता हैं शर्त बस यह हैं की उसे सेवक के रूप में रहना होगा। यह एक तरह की प्रायोगिक Township हैं जो तमिलनाडू के viluppuram District में हैं। मीरा अल्फाजों श्री अरविंदों स्प्रिचुअल रिट्रीट में 29 मार्च 1914 को पाण्डिचेरी आई थी। और Frist world war के बाद कुछ समय के लिये जापान चली गई थी।

1920 में वापस पाण्डिचेरी लौटी। 1924 में श्री अरविंदों स्प्रिचुअल संस्थान से जुड़कर जनसेवा का कार्य करने लगी। 1928 में उन्होंने ऑरोविले की स्थापना की

इसे कई जगह सराहा गया। यहाँ करीब 50 देशों के लोग रहते हैं। इसे universal city के नाम से जाना जाता हैं जहाँ कोई भी कहीं से भी आकर बस सकता हैं।

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इस शहर की प्रशंसा UNESCO ने भी की हैं और यह भारतीय सरकार द्वारा भी समर्थित हैं। इस शहर की आबादी करीब 24000 हैं। यहाँ एक मंदिर भी हैं। जो किसी धर्म से संबंधित नहीं हैं। बल्कि इस मंदिर में लोग आते हैं और योगा करते हैं।

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