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जाकिर नाईक पर मेहरबानी दिखाने वाले अधिकारियों पर गिरी गृहमंत्री राजनाथ सिंह की गाज

 

home minister Rajnath singh

नई दिल्ली (ब्यूरो, रिपोर्ट अड्डा): पिछले कुछ दिनों से जाकिर नाईक की चर्चा भारतीय सीमा के भीतर तेजी से हो रही है। हालांकि ये चर्चा सरहद के पार से आई है लेकिन तार हिंदुस्तान से सीधे जुड़े है। इसलिए मामले पर केंद्र की मोदी सरकार भी काफी गंभीर है। मोदी सरकार ने एक बार फिर जाकिर के मामले पर अपने अधिकारियों को सख्त संदेश दिए है।

जाकिर नाईक की संस्था एक एनजीओ भी चलाती है। जिसका लाइसेंस खत्म होने वाला था। एनजीओ के लाइसेंस को रिन्यू कराने की एप्लीकेशन मंत्रालय में जमा की गई थी। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद अधिकारियों ने जाकिर नाईक की एप्लीकेशन को मंजूरी देते हुए लाइसेंस को रिन्यू कर दिया।

लाइसेंस के रिन्यू होने की पुष्ठि खुद एनजीओ की तरफ से की गई है। संस्था के वकील मोबिन सोनकर ने एक नीजि चैनल को बातचीत में बताया कि वो सस्था का एफसीआरएफ लाइसेंस रिन्यू कर दिया गया है। इस पुष्ठि के बाद गृमंत्रालय में खलबली मच गई। अधिकारियों से लेकर क्लर्कों तक के फोन घनघनाने लगे।

राजनाथ सिंह को इसकी जानकारी मिलते ही सचिवों की क्लास ले ली गई। और फिर 3 अधिकारियों को फौरन सस्पेंड कर दिया गया । अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने और तथ्यों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं। जिन 3 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है उन तीनों ने जाकिर नाईक की संस्था की पॉजिटीव रिपोर्ट सबमिट की थी।

जानकारी मिल रही है कि इस मामले का संज्ञान पीएमओ तक लिया जा रहा है। खुद राजनाथ सिंह ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जाकिर पर भले ही आरोप सिद्ध नहीं हुए है। लेकिन दुनिया भर की निगाहे मोदी सरकार के कदम पर लगी हुई हैं। ऐसे में जाकिर के मामले पर सियासत गर्माना भी तय माना जा रहा है।

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  • Kejri, Hardin, Kanhayya n likes of them they are in the habit of “gain premium on Anti India Activism” so that people will come to hear u more n more n u make hay

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