Havoc riots in West Bengal

ऐसे आए दिन हिंदुस्तान में कही ना कही दंगे होने की ख़बर आती रहती है ।
लेकिन जो ख़बर पश्चिमबंगाल के धुला गढ़ से आ रही है वह बहुत ही भयावह है ।

पश्चिमी कोलकता से 28 किलो मीटर की दुरी पर स्थित हावड़ा जिले के धुलागढ़ में मुस्लिमो के पर्व ईद उल फितर के जुलुस में आये दंगाई मुस्लिमो ने धुला गढ़ के चटर्जी कलौनी में लोगो के घरों पे बम फेंकने लगे, घरों को आग के हवाले करने लगे लोगो को मारा पीटा जाने लगा , उस कलौनी के सभी घरों को लूट लिया गया ।

वहां की जनता किसी तरह वहां से जान बचा कर भागी , दंगा के विस्थापितो के अनुसारा 12 दिसंबर को वहां पर लगा तार 5 घंटे तक दंगाई मुस्लिम तांडव मचाते रहे । लेकिन पुलिस उन के जाने के बाद आई , वहां के दंगा पीड़ितों का कहना था पुलिस बस मुख दर्शक बनी रही ।
लोगो के अनुसार दंगा भड़कने का मुख्य कारण वहा पर स्थित बरसो पुराणा शिव मंदिर है । जिसे वो लोग वहां से हटवाना चाहते है , दंगाईयो द्वारा उस दिन मंदिर में भी तोड़ फोड़ और आगजनी किया गया ।

13 दिसंबर को वहां पर भारी मात्रा में फोर्स तैनात कर दिया गया लेकिन जैसे ही 14 दिसंबर को प्रशासन ने थोड़ी ढ़ील दी दंगाईयो ने फिर से दंगा स्टार्ट कर दिया लोगो के बचे खुचे घरों में भी लूट पाट किया और उन के घरों को आग के हवाले कर दिया ।
दंगा पीड़ितों के अनुसार उन से सरकार का कोई मंत्री ना विधायक मिलने आया ।
ममता सरकार ने वहां पर धारा 144 लगा दिया गया है , किसी भी पार्टी के नेता को वहां नही जाने दिया जा रहा है ।
जब इस ममता बनर्जी से धुला गढ़ दंगे के उपर मीडिया वालों ने सवाल किया तो ममता ने सीधे जबाब देते हुए कही की वहा पर कुछ नही हुआ है ।

आप को बताता चलूँ की धुला गढ़ दंगे की रिपोटिंग करने पर कुछ मीडिया और जनर्लिस्ट पे ममता सरकार द्वारा उन के ऊपर मुकदमा कर दिया गया है ।
अब सवाल ये उठता है कि यह वही ममता है जो कुछ समय पहले दादरी में अखलाक की हत्या पर मोदी सरकार को काठघड़े में खड़ा कर दी थी और उसे संप्रदायिक करार दिया गया था ।

तो ममता जी अब क्या हुआ आप के राज में ये रोज रोज दंगो की नई इबारत लिखी जा रही है इस पे आप इतना चुप क्यू है ।
अपनी नाकामी को कब तक छुपाओ गी , या यूँ कहे की ये सब वोट बैंक के खिसक जाने के डर का नतीजा है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *