hattha jodi

hattha jodi

हमारे देश को मान्यताओं का देश कहा जाता है। यहां पर हर राज्य में अलग अलग मान्यताएं हैं। इसके अलावा हम पुरातन काल से चली आ रही मान्यताओं पर विश्वास बहुत करते हैं। चमत्कारों पर भी यकीन करते हैं। आज हम आपको वैसे ही एक चमत्कारी पौधे की जड़ के बारे में बताने वाले हैं, मध्य प्रदेश के जंगलों में एक खास किस्म का दुर्लभ पौधा पाया जाता है जिसका नाम है हत्था जोड़ी। इसकी जड़ ज्योतिषों के काम आती है। हत्था जोड़ी दिखने में इंसानों के हाथों की तरह दिखाई देती है। इसमें दो पंजे दिखाई देते हैं और उंगलियां भी साफ़-साफ़ दिखाई देती है।

हत्था जोड़ी की जड़ में पंजों की आकृति ठीक इसी तरह की होती है जैसे मुट्ठी बंधी हुई हो। ये पौधा खास तौर से मध्य प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है। आमतौर पर जंगलों में रहने वाले लोग इसको बेचते हैं। इस जड़ का प्रयोग ज्योतिष में बहुत ज्यादा किया जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक ये जड़ बहुत चमत्कारी होती है और किसी कंगाल को भी मालामाल बना सकती है। इस जड़ के असर से मुकदमा, दुश्मन और धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

बता दें कि इस जड़ से वशीकरण भी किया जाता है और भूत-प्रेत जैसी समस्याओं को भी खत्म किया जा सकता है। हत्था जोड़ी में चमत्कारी प्रभाव होते हैं। इसे साक्षात् चामुंडा देवी का प्रतिरूप माना जाता है। यह जिसके पास भी रहेगा वो आश्चर्यजनक रूप से शक्तिशाली होगा। कड़ी मेहनत के बाद भी आपके पास पैसों की कमी रहती है और आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो किसी मंगलवार या शनिवार को हत्था जोड़ी अपने घर ले आएं। इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर किसी सुरक्षित स्थान या तिजोरी में रख दें। अगर तिजोरी में सिन्दूर लगाकर हत्था जोड़ी रखा है तो बेहबद फायदा होता है।

अब आपको बताते हैं कि हत्था जोड़ी को सिद्ध कैसे किया जाता है। मंगलवार, शनिवार या किसी भी शुभ मुहूर्त पर हत्था जोड़ी को घर ले आएं। उसके बाद स्नान करके उसका पूजन करें। पूजन करते समय आपको इस मंत्र का जाप करना है…ॐ क्लीं क्लीं स्वाहा। पूजा के बाद इस जड़ को तिल के तेल में डुबाकर रख दें। लगभग दो हफ्तों के बाद इसे तेल से निकालें और गायत्री मंत्र का जाप करते हुए फिर से पूजा करें। पूजा के बाद जड़ को इलाइची और तुलसी के पत्तों के साथ चांदी की डिब्बी में बंद करके तिजोरी में रख दें। उसके बाद आप इस जड़ का चमत्कार देखिए।

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