groaning-in-pain-there-to-listen-to-delhi

नई दिल्ली (ब्यूरो, रिपोर्ट अड्डा): दिल्ली की जमीन केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों की जंग का एक प्लेटफॉर्म दिखाई देता है। दिल्ली सरकार कहती है कि केंद्र हमे काम नहीं करने दे रही है तो केंद्र की तरफ से एलजी को सर्वोपरि बताया जाता रहा है। अधिकारों के लिए लड़ते तो दोनों है लेकिन जमीन पर काम करता कोई नजर नहीं आ रहा है। न तो केंद्र वाले एलजी और न ही दिल्ली सरकार।

आइए बताते हैं आपकों कि दिल्ली के जिम्मेदार लोग आखिर कहां व्यस्त हैं। जबकि दिल्ली इस वक्त चिकनगुनिया और डेंगू के कहर से कराह रही है।

LG अमेरिका में…

हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में संवैधानिक मुखिया एलजी ही है। लिहाजा ज्यादातर फैसलों की फाइलें एलजी की टेबल से ही गुजर के जानी हैं। लेकिन वास्तिविकता ये है कि एलजी तो अपनी टेबल पर हैं ही नहीं। इन दिनों नजीब जंग अमेरिका दौरे पर हैं।

केजरीवाल बैंगलुरू जाने की तैयारी में…

एलजी जहां अमेरिका दौरे पर हैं तो वहीं अरविंद केजरीवाल चुनावी दौरों और अपनी स्वास्थ्य समस्याओं में व्यस्त हैं। पिछले दिनों वो पंजाब में रैली कर रहे थे। तो अब वो जल्द ही बैंगलूरू जाने वाले हैं। जहां उनकी खांसी का इलाज होना है।

सत्येंद्र जैन गोवा में…

सत्येंद्र जैन की गिनती, केजरीवाल टीम के काबिल नेताओं में होती है। लेकिन इन दिनों सत्येंद्र जैन भी व्यस्त हैं। जानकारी के मुताबिक सत्येंद्र जैन गोवा में चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं। वो वहां के स्थानीय मुद्दों को देखते हुए एक रिपोर्ट तैयार करने में व्यस्त हैं।

गोपाल राय छत्तीसगढ़ में…

गोपाल राय भी केजरीवाल कोर टीम के मेंबर माने जाते हैं। लेकिन इन दिनों वो छत्तीसगढ़ के 14 दिवसीय दौरे पर हैं। वहां गोपाल राय आम आदमी पार्टी के संघटन को मजबूत करने में लगे हैं। ताकि अगले चुनाव में आम आदमी पार्टी वहां भी चुनाव लड़ सके।

संदीप कुमार जेल में…

कभी केजरीवाल के काबिल मंत्रियों में संदीप सिंह की भी गिनती होती थी। लेकिन दिल्ली में हुए सीडी कांड की चपेट में आने के बाद संदीप इन दिनों जेल में हैं। उनको कैबिनेट से भी बाहर निकाला जा चुका है। इसलिए काम काज के बारे में संदीप का जिक्र भी नहीं किया जा सकता है।

इसके अलावा भी कई नेता है जो कई राज्यों में चुनावी प्रचार और प्रसार के कामों में व्यस्त हैं। तो कुछ विधायकों को विवादों की वजह से भी काम से दूर रखा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि दिल्ली वालों का ख्याल कौन रख रहा है। दिल्ली के अहम फैसले कौन ले रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *