धार्मिक

पूजा करते समय भूल कर भी न करें ये गलतियां, अनर्थ हो सकता है !

पूजा करते समय

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): मन की शांति के लिए लोग पूजा करते हैं, भगवान से प्रार्थना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा की विधि होती हैं। वैसे तो कभी भी सच्चे मन से भगवान को याद करना पूजा से कम नहीं होता है। वैसे भी कहते हैं कि श्रद्धा और भक्ति मन में होनी चाहिए। दिखावे के लिए पूजा नहीं करनी चाहिए। हम बात कर रहे थे कि पूजा की विधि होती है। पूरा विधि विधान होता है। भगवान की पूजा से पहले क्या करना चाहिए इसके बारे में हम आपको बता चुके हैं। किस तरह से आप भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि पूजा करते समय कौन कौन सी गलतियां हैं जो नहीं करनी चाहिए।

न करें ये गलतियां
पूजा और जप करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। लोग समझते हैं कि पूजा करना आसान होता है लेकिन ये गलत है। आज के भागदौड़ के समय में लोग दो मिनट हाथ जो़कर भगवान के सामने खड़े होने को ही पूजा समझते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। पूजा या जप करते समय कई ऐसी बातें होती है, जिन्‍हें ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है। हम आपको बताएंगे कि पूजा के दौरान क्या नहीं करना चाहिए। अगर ये गलती कर दी तो भगवान या देवी देवता नाराज हो सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले बताते हैं कि पूजा करते समय थूकना नहीं चाहिए। शरीर और मन दोनों को शुद्ध करके पूजा करें।

छींक और खांसी कोशिश करें कि न आए
ये शारीरिक प्रक्रिया है, छठींक और खांसी किसी भी समय आ सकती हैं। लेकिन कोशिश करें कि पूजा के समय आपको छींक या खांसी ना आए। जितनी देर तक हो सके कंट्रोल करें, अगर फिर भी छींक या खांसी आ जाए तो ऐसे में हाथ मुंह धोकर उसके बाद वापस से पूूजा शुरू करें।
पूजा के समय जम्हाई न लें
पूजा एक पवित्र काम है, इस से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। तो इसके लिए पूजा के दौरान सुस्ती नहीं दिखानी चाहिए। आप ताजगी से भरे हुए पूजा में बैंठे। और पूजा के समय जम्हाई बिलकुल भी नहीं लेनी चाहिए।
पूजा के समय क्रोध न करें
पूजा मन को शांत करने का भी एक तरीका है। ऐसे में पूजा के समय क्रोध नहीं करना चाहिए। मन शांत होना चाहिए। जिस से आप भगवान में अपना ध्यान लगा सकें। ्शांत मन से की गई पूजा कभी फल नहीं देती है।

नशा करने वाले ध्यान से पढ़ें
पूजा करने के समय तन और मन दोनों शुद्ध होना चाहिए। ऐसे में जो लोग नशा करते हैं वो पूजा करने के बारे में न सोचें। पहले वो नशा छोड़ें उसके बाद भगवान की पूजा करें। हालांकि शास्त्रों में लिखा है कि भगवान का नाम लेने से ही इंसान शुद्ध हो जाता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि पूजा को एकदम हल्के में ले लिया जाए। हर काम की विधि होती है। ऐसे ही पूजा का भी विधि है। तो आप इन सारी बातों को ध्यान में रखें और पूजा करते समय ये गलतियां न करें। अगर आप इस तरह की गलतियां करते हैं तो अनर्थ हो सकता है। उम्मीद करते हैं कि ये लेख आपके भ्रम को दूर करेगा। भगवान को सच्चे मन से शुद्ध और ताजगी से परिपूर्ण होकर याद करिए। उनकी पूजा पूरे विधि विधान से करिए, देखिए आप खुद को कितना सकारात्मक महसूस करेंगे।

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