मोहन भगवत

मोहन भगवत

नई दिल्ली ( ब्यूरो, रिपोर्ट अड्डा) :आरएसएस के संघ संचालक मोहन भागवत को लेकर बीजेपी नेताओं में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है। नेताओं को ये समझ ही नहीं आता है। मोहन भागवत बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं या फिर बीजेपी के खिलाफ खड़े हैं। बिहार चुनाव से पहले आरक्षण का बयान देकर लालू का कद बढ़ा दिया । तो अब ऐसा ही कुछ कहकर यूपी में खलबली मचा दी है।

भागवत ने कहा कि हिंदूओं को भी ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। इस बयान का असर जनता पर भले न हो लेकिन सियासी दुश्मनों को बीजेपी के खिलाफ एक अस्त्र मिल गया। भागवत के बयान को लेकर बीजेपी पर बीएसपी और सपा के हमले होने लगे है।

भागवत के इस बयान के आधार पर सपा और बसपा को बेरोजगारी और महंगाई पर बात करने का एक मंच मिल गया। सोशल मीडिया पर भी भागवत के बयान को जिंदा रखने की कवायद चल रही है। ऐसे में यूपी चुनाव से पहले बीजेपी के लिए भागवत का बयान एक बड़ी मुश्किल बन सकता है।

बिहार में जब भागवत ने आरक्षण पर बयान दिया था बीजेपी का पूरा गेम ही पलट गया। एक वक्त में बीजेपी का पलड़ा नीतीश लालू के खिलाफ भारी लग रहा था लेकिन इस बयान ने समीकरणों को बिगाड़ दिया। इस वक्त उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से वोटों का बिखराव है उसको देखते हुए ये कहा जा सकता है कि बीजेपी अच्छी स्थिति में हैं। ऐसे में भागवत का बयान एक बार फिर से बीजेपी का खेल न बिगाड़ दे।

भागवत के बयान पर मायावती पूछ रहीं हैं कि इतने बच्चों को खाना कैसे खिलाएंगे। तो शिवसेना अपने अंदाज में बयान की खिल्ली उड़ा रही है। कांग्रेस इसे आरएसएस और बीजेपी की उग्र सोच करार दे रही है। बीजेपी के नेता बचाव मोड में आ गए है। मसलन जिस बीजेपी की रणनीति अखिलेश सरकार की कलई खोलनी थी अब वो भागवत के बयान पर सफाई पेश करने में मशगूल दिखाई दे रहे हैं।

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