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ये है देसी आयुर्वेदिक दवा…लाइफटाइम ‘चरम सुख’ की गारंटी…देसी पावर के आगे दुनिया झुकी !

देसी वियाग्रा

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): आज के भागदौड़ भरे जीवन में इंसानों की रोग प्रतिरोधक क्षमता लगातार कम होती जा रही है। इसी का फायदा अंग्रेजी दवा बनाने वाले उठा रहे हैं। खास तौर पर आपके निजी जीवन को लेकर वो ऐसे ऐसे दावे कर रहे हैं जिस से आप परेशान हो जाते हैं। निजी जीवन से मतलब यौन संतुष्टि से है। यौन संतुष्टि के लिए लोग किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार रहते हैं। विदेशी वियाग्रा से लेकर क्या क्या नहीं इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब देसी पावर के आगे दुनिया झुक गई है। । जी हां देसी वियाग्रा का पता चल गया है। इसके इस्तेमाल से लाइफटाइम चरम सुख मिलेगा।

देसी वियाग्रा एक खास जड़ी बूटी से तैयार की जाती है. इसका अस्तित्व सालों से था। लेकिन अब जाकर देसी पावर का पता चला है। ये हिमालय के इलाकों में पाई जाती है। इसके सेवन से न केवल यौन संतुष्टि मिलती है बल्कि कई रोगों से लड़ने में भी ये सहायक साबित होती है। इस जड़ी बूटी को देसी वियाग्रा के नाम से भी जाना जाता है।

दुर्गम पहाड़ों में पाई जाती है यार्सागुम्बा जड़ी बूटी
ये देसी वियाग्रा हिमालय की दुर्गम चोटियों पर पाई जाती है। इसकी लोकप्रियता चीन में हद से ज्यादा है। यही कारण है कि तिब्बत में इसका बड़े पैमाने पर कारोबार किया जाता है। बता दें कि भारत के मध्य प्रदेश के भी कुछ इलाकों में इसका कारोबार किया जाता है। इस जड़ी बूटी को कई नामों से जानादेसी वियाग्राजाता है। लेकिन इसे मुख्यत यार्सागुम्बा के नाम से पहचाना जाता है। तिब्बत और चीन में इसका इस्तेमाल यौन शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका साइंटिफिक नाम कोर्डिसेप्स साइनेसिस है, इसे हिमालयन वियाग्रा के साथ साथ अल्पाइन ग्रास भी कहा जाता है।

देखने में कीड़े की तरह होती है यार्सागुम्बा जड़ी बूटी
यौन शक्ति बढ़ाने वाली यार्सागुम्बा जड़ी बूटी देखने में एक कीड़े की तरह होती है। पर इसे आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी की श्रेणी में रखा जाता है। सबसे खास बात ये है कि इसके इस्तेमाल से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। जबकि वियाग्रा के उपयोग से जान का खतरा भी हो सकता है। इसके अलावा देसी वियाग्रा का इस्तेमाल सांस और गुर्दे की बीमारी में भी होता है। ये बुढ़ापे को भी रोकता है, साथ ही शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाता है। ये जड़ी बूटी नेपाल में मुख्य तौर पर पाई जाती है। ये कीड़ा देखने में भूरे रंग का होता है।

6 महीने होता है जड़ी का जीवन काल
ये जड़ी बूटी खाने में मीठी होती है। नेपाल में ये कीड़ा कुछ खास पौधों पर ही पैदा होता है और इसका जीवन काल 6 महीने होता है। सर्दियों में इन पौधों से निकलने वाले रस के साथ ही यह पैदा होते हैं। मई-जून तक ये कीड़े अपना जीवन चक्र पूरा कर लेते हैं और मर जाते हैं। मरने के बाद यह कीड़े पहाड़ियोंदेसी वियाग्रा में घास और पौधों के बीच बिखर जाते हैं। यार्सागुम्बा के इन्हीं मृत कीड़ों का उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है। चूंकि भारत में यह जड़ी-बूटी प्रतिबंधित श्रेणी में है इसलिए इसे चोरी-छुपे इकट्ठा किया जाता है।

काफी महंगी है देसी वियाग्रा
बता दें कि देसी वियाग्रा काफी महंगी आती है। लेकिन ये यौन सुख की गारंटी देती है। बताया जाता है कि नेपाल सरकार प्रति किलोग्राम 20000 रुपए रॉयल्टी वसूलती थी। मई-जून के महीने में नेपाल में यार्सागुम्बा को इकठ्ठा करने की होड़ मच जाती है। इस जड़ी-बूटी को एकत्रित करने के लिए गांव के गांव खाली हो जाते हैं। लोग पहाड़ों पर ही टेंट लगाकर रहते हैं और इसे इकठ्ठा करते हैं। यार्सागुम्बा को देसी वियाग्राइकठ्ठा करना नेपाली लोगों के लिए काफी फायदे का सौदा होता है। इसको बेचकर वो काफी पैसा कमा लेते हैं। इसकी तस्करी भी जमकर होती है। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत लाखों में होती है। तो अब आप अंग्रेजी वियाग्रा की जगह देसी वियाग्रा का इस्तेमाल करें और ताउम्र यौन सुख का आनंद लें।

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