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दिल्ली सरकार करेगी डीडीसीए में भ्रष्टाचार की जांच

Delhi Government investigate
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ(डीडीसीए) में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच के लिये दिल्ली सरकार ने दो सदस्यीय समिति गठित की है जो अगले 48 घंटों में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेगी। हालांकि इन सबके बीच एक बार फिर डीडीसीए के फिरोजशाह कोटला मैदान पर होने वाले फ्रीडम सीरीज के अंतिम टेस्ट को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है।

पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने खेल सचिव और शहरी विकास सचिव की दो सदस्यीय समिति का गठन किया है जो हमारी शिकायतों की जांच करेगी और डीडीसीए के अधिकारियों के गलत कार्यों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।’

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बेदी ने कहा, ‘कई वर्षों के संघर्ष के बाद हम डीडीसीए के कई अधिकारियों के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा कर पाए है।’ उन्होंने कहा कि वह डीडीसीए के घोटालों के बारे में और खुलासा करेंगे। ऐसी खबरें है कि दिल्ली रणजी टीम के कप्तान गौतम गंभीर ने भी गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की।

भ्रष्टाचार और आपसी मतभेदों के कारण पिछले काफी समय से विवादों में छाए डीडीसीए में भ्रष्टाचार की जांच के आदेश ऐसे समय दिये गये हैं जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने हाल ही में अपनी आम वार्षिक बैठक में जिला क्रिकेट संघ को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथे टेस्ट मैच के लिये कोटला स्टेडियम को तैयार करने की समयसीमा 17 नवंबर तक दी है। यदि डीडीसीए इस समयसीमा से चूक जाता है तो कोटला से टेस्ट की मेजबानी छीन सकती है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा टेस्ट तीन दिसंबर से यहां खेला जाना प्रस्तावित है।

दिल्ली सरकार से अंतरराष्ट्रीय मैच को आयोजित करने के लिये मदद मांग रहे डीडीसीए में दो सदस्यीय जांच समिति भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर 48 घंटे में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

गौरतलब है कि इस वर्ष अक्टूबर में दिल्ली सरकार ने डीडीसीए को 24.45 करोड़ रूपये के मनोरंजन कर का भुगतान करने का भी निर्देश दिया था। दूसरी ओर बीसीसीआई ने भी डीडीसीए को अपनी बैलेंसशीट दिखाने के लिये कहा था।

खबर है कि डीडीसीए ने अपनी पिछले तीन वर्षों की बैलेंसीशीट बोर्ड के सामने रख दी है और यदि भारतीय बोर्ड इस पर सहमत होता है तो दिल्ली को उसके हिस्से का करीब 30 करोड़ रूपये भुगतान मिल सकता है जो डीडीसीए की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिये आवश्यक है।

इससे पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने कहा था कि जिला क्रिकेट संघ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर मनोरंजन कर की पुन:समीक्षा का आग्रह करेगा।

डीडीसीए पर दिल्ली सरकार का करीब 24 करोड़ रूपये का कर बकाया है। चौहान ने दलील दी थी कि कर विभाग ने वर्ष 2008 से 2012 के बीच यह कर लगाया है जबकि इस समयसीमा के बीच डीडीसीए को कर में छूट दी गई थी।

अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले डीडीसीए पर अजीब मुश्किल आ पड़ी है और एक तरफ जहां दिल्ली सरकार के कर का पेंच फंसा है तो दूसरी तरफ उसपर बीसीसीआई की डेडलाइन है। माना जा रहा है कि यदि फिरोजशाह कोटला इस मैच के लिये तैयार नहीं होता है तो पुणे को अंतिम टेस्ट की मेजबानी दी जा सकती है।

बीसीसीआई एजीएम में भी इस बात के संकेत दिये गये थे कि टेस्ट का दर्जा दिये गये नये स्टेडियमों में से किसी एक को इस मैच की मेजबानी सौंपी जा सकती है।

डीडीसीए के कोषाध्यक्ष मनचंदा ने भी कहा था कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से मुलाकात कर इस कर की पुन: समीक्षा का आग्रह करेंगे। जिला क्रिकेट संघ और दिल्लीवासियों के लिये यह टेस्ट मैच काफी अहम है और इस तरह के मैचों के आयोजन के लिये सरकार की मदद की जरूरत होती है।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही सीरीज के दौरान यह दूसरा मौका है जब डीडीसीए को मैच कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्वंटी 2० सीरीज से पहले भी दक्षिण अफ्रीका और बोर्ड अध्यक्ष एकादश के बीच अभ्यास मैच को कोटला मैदान पर कराने को लेकर डीडीसीए ने असमर्थता जताई थी और इस कारण से यह अभ्यास मैच पालम स्टेडियम पर आयोजित करना पड़ा था।

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