राहुल गांधी मंदिर से निकले तो वो हुआ, जो सपने में भी नहीं सोचा था

rahul gandhi 1

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राहुल गांधी ने गुजरात के रण में हिंदुत्व का कार्ड खेला है, बीजेपी को उसी के हथियार से मात देने की कोशिश में लगे राहुल लगातार मंदिरों का दौरा कर रहे हैं। अचानक से राहुल के अंदर आए इस बदलाव को लेकर बीजेपी हमलावर है। बीजेपी का कहना है कि जो राहुल पहले कहते थे कि मंदिर जाने वाले लोग लड़कियां छेड़ते हैं वो सियासी फायदे के लिए खुद मंदिर जा रहे हैं। इन सबसे बेखबर राहुल अपनी रणनीति को अमली जामा पहना रहे हैं। रविवार को भी वो डकोर के रणछोड़जी मंदिर पहुंचे थे, यहां पर उन्होंने पूजा अर्चना की और उसके बाद वो वहां से बाहर निकले, मंदिर के बाहर भारी संख्या में लोग मौजूद थे.

मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ नारेबाजी कर रही थी। जो नारे लगाए जा रहे थे वो राहुल के लिए किसी सदमें से कम नहीं था। डकोर के रणछोड़जी मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ राहुल गांधी के लिए थी, हार्दिक पटेल के लिए थी या फिर नरेंद्र मोदी के लिए थी, इस पर बहस हो सकती है, लेकिन एख वीडियो सामने आया है जो कांग्रेस को शायद पसंद नहीं आएगा, मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ मोदी-मोदी के नारे लगा रही है। अब चुनाव प्रचार के प्रचंड दौर में राहुल के सामने खड़ी भीड़ अगर मोदी मोदी के नारे लगाने लगे तो क्या होगा। राहुल भले ही मंदिर से निकलते हुए मुस्कुरा रहे थे, लेकिन उनका दिल ही जानता होगा कि उस समय उन पर क्या बीत रही होगी।

पूरी जान लगाने के बाद भी वो लोगों का भरोसा जीतने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भीड़ की नारेबाजी से कांग्रेस को दूसरा सदमा ये लग सकता है कि वहां पर राहुल के समर्थन में नारे नहीं लग रहे थे। भीड़ या तो मोदी मोदी के नारे लगा रही थी या फिर वो हार्दिक पटेल के नारे लगा रही थी। अब ये तो जले पर नमक छिड़कने वाली बात हो गई. डकोर के रणछोड़जी मंदिर में दर्शन करने के लिए राहुल गांधी गए, तो कांग्रेसियों को उम्मीद रही होगी कि मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ राहुल के नारे लगाएगी।

लेकिन नारे लगे तो उन लोगों के जो वहां पर थे ही नहीं, गुजरात में मोदी के नारे लगना समझा जा सकता है, उनका गृह प्रदेश है, वो प्रधानमंत्री हैं। लेकिन राहुल के सामने हार्दिक के नारे लगना शायद कांग्रेस को अच्छा ना लगे। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि कांग्रेस को सोचने की जरूरत है, क्या कारण है कि इतना प्रचार करने के बाद भी राहुल गुजरात में अपना असर नहीं पैदा कर पाए हैं। जनता राहुल से ज्यादा हार्दिक को पसंद कर रही है। अध्यक्ष बनने के साथ राहुल के सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ा होने वाला है।