दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर उस देश में, जहां हिंदू ही नहीं रहते हैं, नहीं जानते कौन सा देश है वो

सबसे बड़ा मंदिर

सबसे बड़ा मंदिर

भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है, हर राज्य में कई मंदिर हैं, ऐसा नहीं है कि केवल मंदिर ही हैं, यहां पर हर धर्म के तीर्थ स्थल हैं. भारत में हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी है, इसके बाद भी धर्म के नाम पर सियासत होती है। अब अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। इसको लेकर तनाव का माहौल है। ऐसे में मंदिरों के बारे में कुछ अहम जानकारियां हम आपको दे देते हैं। जिनसे शायद आप को अच्छा लगे.

भारत मे वैसे तो कई मंदिर हैं, ऐसा लाजमि भी है, हिंदु यहां सबसे ज्यादा संख्या में रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कहां पर है, लोगों को लगता होगा कि वो भारत में ही होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर जिस देश में है वहां पर हिंदुओं की संख्या लगभग ना के बराबर है। ये मंदिर है कंबोडिया का अंकोरवाट मंदिर, जिसे दुनिया के सबसे बड़े मंदिर का दर्जा हासिल है। आप भी चौंक गए होंगे ये जानकर, ये मंदिर ना केवल सबसे बड़ा है, बल्कि इसका एतिहासिक महत्व भी है।

हर साल दुनिया भर से करोड़ों पर्यटक इस मंदिर को देखने आते हैं, अंकोरवाट कम्बोडिया के लिए क्या महत्व रखता है इसका अंदाज़ा इसी से लगा सकते हैं कि कम्बोडिया के राष्ट्र ध्वज पर ये मंदिर प्रतीक के तौर पर बना हुआ है। आपको शायद ही पता हो कि अंकोरवाट का प्राचीन नाम यशोधरपुर । राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने इसका निर्माण शुरू कराया 1112 में शुरू कराया था।

कंबोडिया का अंकोरवाट मंदिर

इस मंदिर का निर्माण राजा धरणीन्द्वर्मन के काल मे साल 1153 में खत्म हुआ था। अंकोरवाट मंदिर बेजोड़ नक्काशी और शिल्पकला का जीता जागता उदाहरण है। इस मंदिर की सुरक्षा के लिए चारों ओर 700 फ़ीट गहरी खाई बनी है। ये मंदिर अप्सराओं की जीवंत मूर्तियों के लिए जाना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित ये मंदिर पहले शिव भक्ति का केंद्र हुआ करता था। इस मंदिर पर भारतीयता की छाप साफ देखी जा सकती है, पूरी दुनिया में हिंदुत्व की शान ये मंदिर युनेस्को के संरक्षण में सुरक्षित है और शान के साथ भगवा पताका लहरा रहा है ।