अमित शाह लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने इस सीट से चुनाव लड़ने का किया अनुरोध

बीजेपी फिलहाल अमित शाह के लिये कोलकाता उत्तर के अलावा आसनसोल सीट पर भी चुनाव लड़ाने को लेकर विचार कर रही है। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रदेश में 17 फीसदी वोट मिले थे।

New Delhi, Nov 01 : 2019 लोकसभा चुनाव में अभी 6 महीने का समय है, लेकिन बीजेपी रणनीति बनाने में जुट गई है, इस बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा हो रही है, दरअसल पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष के बयान से इन अटकलों को बल मिला है, मंगलवार को एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वो चाहते हैं कि अमित शाह कोलकाता उत्तर सीट से चुनाव लड़ें, उनका कहना था कि पीएम मोदी इस बार ओडिशा के पुरी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, हम भी चाहते है कि अमित शाह कोलकाता उत्तर सीट से चुनाव लड़ें।

पार्टी को होगा फायदा
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी फिलहाल अमित शाह के लिये कोलकाता उत्तर के अलावा आसनसोल सीट पर भी चुनाव लड़ाने को लेकर विचार कर रही है। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रदेश में 17 फीसदी वोट मिले थे, पार्टी के स्थानीय नेताओं को उम्मीद है कि अगर अमित शाह पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ते हैं, तो इसका फायदा पार्टी को मिलेगा।

उत्तर कोलकाता सीट ही क्यों ?
एक सवाल हर किसी के मन में आ रहा है कि आखिर उत्तर कोलकाता सीट की ही चर्चा क्यों हो रही है, दरअसल राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उत्तर कोलकाता सीट में गैर बांग्लादेशी वोटरों की भारी तादात है, यहां बीजेपी के पक्ष में स्थिति बन सकती है। 2014 लोकसभा चुनाव में भी इस सीट पर बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया था, अगर अमित शाह यहां से चुनाव लड़ें, तो आसानी से जीत मिलेगी और पार्टी को पूरे प्रदेश में फायदा मिलेगा।

क्या कहता है इतिहास ?
उत्तर कोलकाता में साल 2009 लोकसभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस के साझा प्रत्याशी को करीब 52.4 फीसदी वोट मिले थे, जबकि बीजेपी सिर्फ 4 फीसदी वोट के साथ तीसरे नंबर पर थी, दूसरे स्थान पर माकपा के प्रत्याशी थे, जिन्हें 40 फीसदी वोट मिले थे, साल 2014 में स्थिति बदल गई, इस बार भी सीट टीएमसी ने जीती, लेकिन दूसरे स्थान पर बीजेपी रही, 2014 में टीएमसी और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ी, टीएमसी प्रत्याशी को 36 फीसदी वोट मिले, जबकि बीजेपी के खाते में 26 फीसदी वोट आए, 21 फीसदी वोट लेकर माकपा तीसरे स्थान पर रही।

आसनसोल पर भी हो रहा विचार
कुछ इसी तरह की स्थिति आसनसोल में भी देखने को मिली, साल 2009 में टीएमसी-कांग्रेस के उम्मीदवार को यहां 41 फीसदी वोट मिले थे, जबकि यहां से जीतने वाले माकपा उम्मीदवार को 49 फीसदी वोट मिले थे, बीजेपी को सिर्फ 6 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा था। लेकिन 2014 में स्थिति बदली, 37 फीसदी वोट पाकर बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो जीतकर संसद पहुंचे, टीएमसी को 30.6 और माकपा को 22 फीसदी वोट मिले।