Akhilesh Yadav took a major decision

नई दिल्ली(रिपोर्ट अड्डा): समाजवादी पार्टी औऱ कांग्रेस का गठबंधन उत्तर प्रदेश में साथ चुनाव लड़ रहा है। इसके बाद भी दोनों दलों ने कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार साथ उतारे हैं। ये गठबंधन इस मामले में थोड़ा अजीब है।

चार चरण का मतदान होने के बाद अब इस गठबंधन का बोझ समाजवादी पार्टी को महसूस होने लगा है। कांग्रेस का साथ फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। ये बात अखिलेश यादव को समझ आ रही है। हाल के दिनों में राहुल गांधी के कुछ बयान सपा के लिए हानिकारक साबित हुए हैं।

राहुल गांधी ने एक रैली में यूपी में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यूपी में किसी युवा को पूछो कि क्या करते हो तो वो यही कहता है कि कुछ नहीं है। बेरोजगारी की समस्या विकराल हो गई है। राहुल गांधी ने इस बयान के जरिए मोदी सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की थी। मगर वो भूल गए कि यूपी में बेरोजगारी के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार भी जिम्मेदार है। इस तरह से राहुल ने अपने ही सहयोगी अखिलेश यादव की पोल खोल दी है। ये सुनकर अखिलेश यादव भी हैरान हैं।

सियासी जानकार मान रहे हैं कि राहुल गांधी के बयानों के कारण अखिलेश को नुकसान हो रहा है। अखिलेश पहले ही 105 सीटें कांग्रेस को देने के कारण अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं। पहले से कहा जा रहा है कि कांग्रेस की हासियत 30 सीटें जीतने की नहीं है उसे 105 सीटें देकर अखिलेश ने अपना नुकसान कर लिया है। कांग्रेस से गठबंधन करने के बाद से अखिलेश यादव का राहु काल शुरू हो गया है। जो छवि उन्होंने अपने पिता और चाचा से लड़कर चमकाई थी उसकी चमक धूमिल हो रही है।

फिलहाल अब अखिलेश यादव खुद पर लगे राहु काल को खत्म करने की कोशिश में लग गए हैं। उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं जिसके बाद कांग्रेस हैरान हो गई है। राहुल गांधी जिस तरह से सेल्फ गोल कर रहे हैं अब वो सपा के बर्दाश्त के बाहर हता जा रहा है। चुनावी जानकार भी मान रहे हैं कि कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा के लिए नुकसान का सौदा है। जिन राज्यों में पार्टियों ने कांग्रेस से गठबंधन किया वो हार गई । इस से अखिलेश सबक ले रहे हैं वो चुनाव खत्म होने से पहले कोई बड़ा एलान कर सकते हैं।

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