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अखिलेश का मास्टर स्ट्रोक, अब इस रणनीति से लड़ेंगे मुलायम सिंह

Akhilesh's master stroke, this strategy will fight Mulayam

नई दिल्ली (रिपोर्ट अड्डा): समाजवादी पार्टी के भीतर के सत्ता संघर्ष में फिलहाल बाजी अखिलेश यादव के नाम है। अखिलेश ने पार्टी से जुड़े छोटे-बड़े सभी लोगों को यह संदेश दिया कि वह अपने समर्थकों के लिए अपने परिवार से भी टकरा सकते है। चुनाव आयोग के दर पर पहुँचे इस पारिवारिक कलह का अंत अखिलेश को मिले सपा के चुनाव चिन्ह के साथ हुआ।

समाजवादी पार्टी का अधिकृत चुनाव चिन्ह साइकिल मिलने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया के रूप में ट्वीट के कहा कि वह नेताजी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। लेकिन, नेताजी के खेमें से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। ऐसे में सवाल हैं कि क्या मुलायम सिंह यादव मैदान में उतरेंगे या अपनी हार मानकर बैठ जाएंगे। इस जंग में कौन कितने फायदे में रहेगा? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि आखिर इनकी रणनीति क्या होगी:-

जानकारी के मुताबिक पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल छाप के हाथ से निकलने के बाद मुलायम सिंह लोकदल पार्टी के चुनाव चिन्ह हल जोतता हुआ किसान पर चुनाव लड़ेंगे। अपने पुराने गठबंधन समीकरण को बनाते हुए लोकदल मुलायम की अगुवाई में चुनाव लड़ेंगे। माना जा रहा है कि मुलायम को लोकदल का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जाएगा।

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दूसरी तरफ हमेशा से इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आ रहे। संकेत है कि सपा का कांग्रेस और रालोद के साथ गठबंधन हो सकता हैं। इन दलों के अलावा कुछ और क्षेत्रीय दल भी इस गठबंधन का हिस्सा हो सकते है। युवा मुख्यमंत्री ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और लखनऊ में नए नेताजी का उदय हो चुका हैं।
अखिलेश के करीबियों का मानना है कि यह अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक था क्योंकि इससे जनमानस में यह सन्देश गया कि अखिलेश अपने समर्थकों के लिए अपने परिवार से भी टकरा सकते है।

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