Arvind Kejriwal media gussa

नई दिल्ली (ब्यूरो, रिपोर्ट अड्डा): केजरीवाल और टीम का आंदोलन के मंच से सत्ता के शिखर तक पहुंचने में मीडिया का बड़ा योगदान रहा। एक वक्त था जब उनके एक एक कदम पर देश की सुर्खियां बदल रही थी। कांग्रेस से लेकर बीजेपी तक की धड़कने आप के खुलासों से बढ़ी रहती थी। मीडिया के सवालों के जवाब देते देते कई सत्ताओं के आका बदल गए।

अब हालात बदल गए हैं। आप आज खुद सवालों के घेरे में हैं। लेकिन सवालों से जूझने के बजाय, उनके जवाब देने के बजाय, आम आदमी पार्टी बचकानी हरकतें कर रही है। 24 घंटे के अंदर अरविंद केजरीवाल समेत उनके टॉप मंत्रियों का गुस्सा, मीडिया के खिलाफ दिख रहा है। दिल्ली के दर्द पर जब सवाल उठे, तो आम आदमी पार्टी के नेता मीडिया के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही है।

मीडिया के खिलाफ इस बदमिजाजी का बिगुल खुद केजरीवाल ने फूंका। वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने दिल्ली के हालातों पर चिंता जताते हुए, केजरीवाल सरकार पर तंज कसा तो, गुस्से में केजरीवाल ने शेखर गुप्ता को दलाल करार दे दिया।

इसके बाद केजरीवाल के खिलाफ सवालों का कारंवा और संघन हो गया, टीवी टूडे नेटवर्क से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने ट्वीट किया कि दिल्ली अब आदमी पार्टी की जिम्मेदारी नहीं रही, इसे एलजी की जिम्मेदारी समझा जाना चाहिए क्योकि केजरीवाल और उनकी टीम दूसरे राज्यों के चुनाव पर फोकस कर रही है। तो केजरीवाल ने राहुल कंवल को भी खरी खोटी सुना दी। उन्होने जवाब दिया कि तुम्हारी चिंता दिल्ली नहीं, दिल्ली से बाहर आम आदमी पार्टी की जीत से है।

 

ऐसा ही कुछ सत्येंद्र जैन के साथ भी देखने को मिला। सत्येंद्र जैन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि चिकनगुनिया से दुनिया में कहीं भी किसी की मौत नहीं हो सकती। इसके बाद कुछ पत्रकारों ने तीखे सवाल पूछने शुरू किए। इसी दौरान एक पत्रकार से सत्येंद्र जैन ने कहा कि मोबाइल से देखकर सवाल क्यों पूछ रहे हो। पत्रकार ने अपना फोन सत्येंद्र जैन की टेबल पर रख दिया तो गुस्साए जैन ने पत्रकार को फोन उठाकर फेंक दिया।

इसके बाद आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता कपिल मिश्रा की झड़प वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया से हो गई। दीपक चौरसिया ने कपिल मिश्रा से दिल्ली के हालातों पर सवाल करते हुए उनके नंबर को सार्वजनिक कर दिया। ये मिश्रा का वो नंबर था जो दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर सार्वजनिक था। लेकिन इससे नाराज कपिल मिश्रा ने दीपक चौरसिया के नंबरों को सार्वजनिक कर दिया।  इसके बाद काफी देर तक टीवी चैनल पर ही कपिल मिश्रा और दीपक चौरसिया के बीच तल्खियत देखने को मिली।

 

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आम आदमी पार्टी,सत्ताधारी पार्टी होने की जिम्मेदारी से भाग रही है। दिल्ली के खराब हालातों पर जब सवाल पूछे जा रहे हैं तो गरिमा की दीवार को लांघ कर जवाब दे रहे हैं। ये बेहद चिंता का विषय है। जिस पर आम आदमी पार्टी को खुल कर सोचना और करना होगा।

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