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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोप में पद से हटाने के बाद कहा है कि उनके लिए भ्रष्टाचार आज भी बड़ा मुद्दा है। उन्होंने अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के कमजोर पड़ने की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया है।

केजरीवाल ने नवभारत टाइम्स को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा है कि पीएम मोदी अब एसीबी (ऐंटी-करप्शन ब्यूरो) को कंट्रोल करते हैं। इससे उनकी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग कमजोर पड़ गई है। केजरीवाल का कहना था कि एसीबी के मामले पर दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच तनातनी से भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग पर असर पड़ा है। दिल्ली में शानदार जीत के बाद केजरीवाल ने पहली बार किसी अखबार से बातचीत की है।

हालांकि, केजरीवाल ने दावा किया कि वह भ्रष्टाचार पर नई रणनीति से काबू पाएंगे। केजरीवाल का कहना था, ‘हम 15 दिनों से इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। एसीबी मोदी जी के साथ है और विजिलेंस हमारे साथ। पहले एसीबी भ्रष्टाचार के मामले पकड़ा करती थी, अब यह काम विजिलेंस करेगी। हम अरेस्ट नहीं कर सकेंगे, लेकिन गूस लेने वाले अधिकारियों को सस्पेंड, रिटायर और टर्मिनेट कर सकते हैं। हम ऐसे मामलों में जल्द ऐक्शन लेंगे और इसके बाद इन मामलों को मोदी जी की एसीबी को भेज देंगे। उनको जेल भेजना मोदी जी का काम होगा। देखते हैं, ज्यादा काम कौन करता है।’

केजरीवाल का कहना था कि उन्हें अपने मंत्री आसिम अहमद खान की रेकॉर्डिंग सनुकर धक्का लगा था। केजरीवाल का कहना था, ‘मैं इस बात को लेकर आश्वस्त था कि हमारे मंत्री कभी ऐसी हरकत नहीं करेंगे। इस मामले से मुझे झटका लगा। एसीबी के हमारे हाथों से निकल जाने के बाद हमारी नौकरशाही पर थोड़ी कमजोर हुई है।’ आसिम को हटाने के मामले पर उन्होंने कहा, ‘इससे अधिकारियों को जरूर संदेश गया होगा कि अगर हम अपने मंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं तो उन्हें भी नहीं बख्शेंगे।’

केजरीवाल के मुताबिक उन्हें भरोसा था कि जल्द ही उन्हें एसीबी सौंप दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है और इसपर फैसला होने में समय लगेगा। नजीब जंग से टकराव के मामले पर केजरीवाल का कहना था, ‘मैंने हमेशा कहा है कि वह अच्छे इंसान हैं और सब कुछ पीएमओ से निर्देशित किया जा रहा है। जिस दिन एलजी मेरे समर्थन में आएंगे, उन्हें हटा दिया जाएगा।’

Source : NBT

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